लखनऊ, 15 अगस्त 2026। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय दशमेश पब्लिक स्कूल, गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती लिली सेठी, बलजीत कौर, गगनप्रीत कौर, जगजीत कौर, सिमरन कौर एवं सुनयना कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में सामूहिक ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर स्कूल के प्रबन्धक सरदार निर्मल सिंह ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें अपने अतीत और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के संघर्ष में हजारों सेनानियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं, स्वतंत्रता के तत्काल बाद हुए देश के विभाजन में लाखों लोगों को हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलनी पड़ी तथा करोड़ों लोगों को रातोंरात अपने घर और व्यापार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि देश की तरक्की में अपना योगदान दें, एकता एवं अखंडता को बनाए रखें, मन लगाकर पढ़ाई करें तथा सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। श्रीमती लिली सेठी, जगजीत कौर, बलजीत कौ...
बीते कुछ महीने से देश में नागरिकता को लेकर जगह-जगह बवाल और बहस देखने को मिल रही है। संसद में नागरिकता संबंधी कानून में संशोधन भी किया गया ताकि दूसरे देशों से आने वाले किन लोगों को नागरिकता देनी है और किन्हें नहीं, यह सुनिश्चित किया जा सके।
हालांकि इस दुनिया में ऐसे भी कई देश हैं, जहां नागरिकता को लेकर किचकिच बिल्कुल नहीं है बल्कि उन्होंने तो इसे पैसा कमाने का एक अच्छा साधन बना लिया है। कुछ वर्षों पहले किसी भी देश के लिए दोहरी नागरिकता की अनुमति देना बेहद असमान्य माना जाता था। मगर यह अब लगभग सार्वभौमिक हो चुका है। इसलिए बहुत से लोग पैसे देकर दूसरे देशों की नागरिकता हासिल कर रहे हैं।
हालांकि इस दुनिया में ऐसे भी कई देश हैं, जहां नागरिकता को लेकर किचकिच बिल्कुल नहीं है बल्कि उन्होंने तो इसे पैसा कमाने का एक अच्छा साधन बना लिया है। कुछ वर्षों पहले किसी भी देश के लिए दोहरी नागरिकता की अनुमति देना बेहद असमान्य माना जाता था। मगर यह अब लगभग सार्वभौमिक हो चुका है। इसलिए बहुत से लोग पैसे देकर दूसरे देशों की नागरिकता हासिल कर रहे हैं।
दुनिया के बहुत से देशों में अब नागरिकता के माध्यम से निवेश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वर्तमान समय में यह लगभग एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये का वैश्विक उद्योग बन चुका है। इस काम को आसान बनाने के लिए बाकायदा कई कंपनियां भी गठित हो चुकी हैं।
ऐसी ही एक कंपनी है, हेनले एंड पार्टनर्स। इस कंपनी के अध्यक्ष क्रिश्चियन कॉलिन ने बताया कि उनका काम धनी व्यक्तियों और उनके परिवारों को अन्य देशों में निवास या नागरिकता प्राप्त करने में मदद करता है।
नागरिकता देकर बढ़ाई देश की जनसंख्या
कॉलिन के मुताबिक चार साल पहले प्रशांत महासागर के एक छोटे से द्विपीय देश वनातू ने नई नागरिकता योजना की शुरुआत की, जिसके बाद इस देश का पासपोर्ट लेने वालों की संख्या में तेजी देखने को मिली।
कॉलिन ने बताया वनातू के पासपोर्ट धारकों को यह फायदा मिलता है कि वह लगभग पूरे यूरोपीय देशो में वीजा फ्री आवागमन कर सकते हैं। इसलिए बड़ी संख्या में लोग वनातू के पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं। उन्होंने बताया कि पासपोर्ट से होने वाली कमाई से वनातू सरकार को बड़ा फायदा मिल रहा है
देश | कितने में खरीद सकते हैं नागरिकता (रुपये लगभग में) |
| एंटीगा एंड बारबुडा | 70 लाख रुपये |
| सेंट किट्स नेविस | एक करोड़ रुपये |
| मोंटेनेग्रो | दो करोड़ रुपये |
| पुर्तगाल | दो करोड़ 50 लाख रुपये |
| स्पेन | चार करोड़ रुपये |
| बुल्गारिया | चार करोड़ रुपये |
| माल्टा | सात करोड़ रुपये |
| अमेरिका | छह करोड़ 50 लाख रुपये (निवेश के रूप में, जिससे 10 लोगों को रोजगार मिले) |
| यूनाइटेड किंगडग | 18 करोड़ रुपये |
| न्यूजीलैंड | 14 करोड़ रुपये |
| साइप्रस | 12 करोड़ 50 लाख रुपये |
| ऑस्ट्रेलिया | सात करोड़ 50 लाख रुपये |
| तुर्की | सात करोड़ रुपये |
| कनाडा | पांच करोड़ 50 लाख रुपये |
| ग्रीस | दो करोड़ रुपये |
| वनातू | एक करोड़ रुपये |
| डोमिनिका | 70 लाख रुपये |
| सेंट लूसिया | 70 लाख रुपये |
| लताविया | 52 लाख रुपये |
| थाईलैंड | 10 लाख रुपये |
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