होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
देवा सारथ बोट के जांबाज सहायक कैप्टन अभिलाष उर्फ मुथु की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। उनका 25 जनवरी की रात का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें मछली पकड़ने वाली नाव पर 11 मछुआरे पीले रंग की रस्सी को बुरी तरह फंसी लुप्तप्राय समुद्री जीव को बचाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं।
करीब 800 किलो की शार्क का वीडियो हुआ वायरल
यह मछली करीब 800 किलोग्राम की है। इसकी पीठ भूरे रंग की है और सफेद धब्बे से जानकार इस लुप्तप्राय शार्क की पहचान आसानी से कर सकते हैं। दरअसल, मछुआरों ने एक उदुम्बन श्राव या व्हेल शर्क को पकड़ा था। यह दुनिया के महासागरों में पाया जाने वाला सबसे बड़ा जीव है और यह प्रजाति लुप्त होने की कगार पर है।
भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अनुसार, यह संरक्षित प्रजाति में आती है। इसका अरब सागर के नीले पानी में पाया जाना एक दुर्लभ और कीमती खोज है। मजेदार यह है कि ये 11 मछुआरे अपनी महेनत से बड़ी मछली पकड़ने के बाद जश्न मनाने के बजाय उसे वापस समुद्र में छोड़ने के लिए तत्पर दिखाई देते हैं। घटना केरल के कोझिकोड जिले के तट से 22 नॉटिकल मील की दूरी की है।
भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अनुसार, यह संरक्षित प्रजाति में आती है। इसका अरब सागर के नीले पानी में पाया जाना एक दुर्लभ और कीमती खोज है। मजेदार यह है कि ये 11 मछुआरे अपनी महेनत से बड़ी मछली पकड़ने के बाद जश्न मनाने के बजाय उसे वापस समुद्र में छोड़ने के लिए तत्पर दिखाई देते हैं। घटना केरल के कोझिकोड जिले के तट से 22 नॉटिकल मील की दूरी की है।
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