लखनऊ, उत्तर प्रदेश फार्मेसी कॉलेजेज एण्ड फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन (UPPCPIWA) की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज दिनांक 24 अगस्त, 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय अतिथि गृह, लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो. अमरिका सिंह ने की तथा संचालन महामंत्री प्रो. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और फार्मासिस्टों के कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए 15 प्रतिष्ठित वार्षिक अवार्ड्स स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह अवार्ड्स फार्मेसी के जनक प्रो. महादेव लाल श्रॉफ के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार सहित विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे। एसोसिएशन के महामंत्री प्रो. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 2700 से अधिक फार्मेसी कॉलेज और 1900 से अधिक फार्मा इंडस्ट्रीज हैं। ऐसे में फार्मेसी प्रोफेशनल्स के मनोबल और उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए इन अवार्ड्स की स्थापना की गई है। सभी अवार्ड्स को अनुमोदन हेतु फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली को भेजा...
मध्य प्रदेश में एक डॉक्टर हैं जो आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम करती हैं। जिसकी वजह से उन्हें मदर टेरेसा के नाम से जाना जाता है। ये महान हस्ती है डॉक्टर लीला जोशी। जिन्हें 26 जनवरी को सरकार ने पद्म श्री अवार्ड देने के लिए चुना है। स्त्री रोग विशेषज्ञ लीला जोशी ने मध्य प्रदेश की आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय काम किया है। तो चलिए जानें डॉ. लीला जोशी के बारे में।
डॉक्टर लीला जोशी ने अपने करियर के शुरूआती दिनों में असम में काम किया था। वहां पर लीला एक डॉक्टर के रूप में कार्यरत थीं। वहीं पर उनकी मुलाकात मदर टेरेसा से हुई और उन्होंने डॉ. लीला से आदिवासियों के लिए कुछ करने को कहा था। डॉ. जोशी को मदर टेरेसा की ये बात बहुत भली लगी और असम से रिटायर होने के बाद मध्य प्रदेश आकर आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम करने लगीं।
डॉक्टर लीला आदिवासी अंचलों में जाकर वहां की महिलाओं का निशुल्क इलाज करती हैं। आदिवासी महिलाओं में ज्यादातर समस्या एनीमिया की होती है। खानपान की कमी और कुपोषण के कारण आदिवासी महिलाएं गर्भावस्था के दौरान खून की कमी की शिकार हो जाती हैं। डॉक्टर जोशी इन महिलाओं का इलाज करती हैं।
डॉक्टर लीला जोशी का नाम देश की महिला और बाल विकास विभाग द्वारा जारी सूची में देश की सौ सबसे प्रभावी महिलाओं में शामिल किया गया है। साल 1997 में रेलवे की मेडिकल डायरेक्टर से रिटायर लीला ने मध्य प्रदेश में आदिवासी महिलाओं को मुफ्त में इलाज देना शुरू किया। डॉ. जोशी पिछले 22 सालों से इस कार्य में लगी हुईं है और 82 साल की उम्र में भी उनके जोश में कोई कमी नहीं आई है।
डॉक्टर लीला जोशी का नाम देश की महिला और बाल विकास विभाग द्वारा जारी सूची में देश की सौ सबसे प्रभावी महिलाओं में शामिल किया गया है। साल 1997 में रेलवे की मेडिकल डायरेक्टर से रिटायर लीला ने मध्य प्रदेश में आदिवासी महिलाओं को मुफ्त में इलाज देना शुरू किया। डॉ. जोशी पिछले 22 सालों से इस कार्य में लगी हुईं है और 82 साल की उम्र में भी उनके जोश में कोई कमी नहीं आई है।
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