लखनऊ, 15 अगस्त 2026। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय दशमेश पब्लिक स्कूल, गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती लिली सेठी, बलजीत कौर, गगनप्रीत कौर, जगजीत कौर, सिमरन कौर एवं सुनयना कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में सामूहिक ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर स्कूल के प्रबन्धक सरदार निर्मल सिंह ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें अपने अतीत और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के संघर्ष में हजारों सेनानियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं, स्वतंत्रता के तत्काल बाद हुए देश के विभाजन में लाखों लोगों को हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलनी पड़ी तथा करोड़ों लोगों को रातोंरात अपने घर और व्यापार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि देश की तरक्की में अपना योगदान दें, एकता एवं अखंडता को बनाए रखें, मन लगाकर पढ़ाई करें तथा सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। श्रीमती लिली सेठी, जगजीत कौर, बलजीत कौ...
मध्य प्रदेश में एक डॉक्टर हैं जो आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम करती हैं। जिसकी वजह से उन्हें मदर टेरेसा के नाम से जाना जाता है। ये महान हस्ती है डॉक्टर लीला जोशी। जिन्हें 26 जनवरी को सरकार ने पद्म श्री अवार्ड देने के लिए चुना है। स्त्री रोग विशेषज्ञ लीला जोशी ने मध्य प्रदेश की आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय काम किया है। तो चलिए जानें डॉ. लीला जोशी के बारे में।
डॉक्टर लीला जोशी ने अपने करियर के शुरूआती दिनों में असम में काम किया था। वहां पर लीला एक डॉक्टर के रूप में कार्यरत थीं। वहीं पर उनकी मुलाकात मदर टेरेसा से हुई और उन्होंने डॉ. लीला से आदिवासियों के लिए कुछ करने को कहा था। डॉ. जोशी को मदर टेरेसा की ये बात बहुत भली लगी और असम से रिटायर होने के बाद मध्य प्रदेश आकर आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम करने लगीं।
डॉक्टर लीला आदिवासी अंचलों में जाकर वहां की महिलाओं का निशुल्क इलाज करती हैं। आदिवासी महिलाओं में ज्यादातर समस्या एनीमिया की होती है। खानपान की कमी और कुपोषण के कारण आदिवासी महिलाएं गर्भावस्था के दौरान खून की कमी की शिकार हो जाती हैं। डॉक्टर जोशी इन महिलाओं का इलाज करती हैं।
डॉक्टर लीला जोशी का नाम देश की महिला और बाल विकास विभाग द्वारा जारी सूची में देश की सौ सबसे प्रभावी महिलाओं में शामिल किया गया है। साल 1997 में रेलवे की मेडिकल डायरेक्टर से रिटायर लीला ने मध्य प्रदेश में आदिवासी महिलाओं को मुफ्त में इलाज देना शुरू किया। डॉ. जोशी पिछले 22 सालों से इस कार्य में लगी हुईं है और 82 साल की उम्र में भी उनके जोश में कोई कमी नहीं आई है।
डॉक्टर लीला जोशी का नाम देश की महिला और बाल विकास विभाग द्वारा जारी सूची में देश की सौ सबसे प्रभावी महिलाओं में शामिल किया गया है। साल 1997 में रेलवे की मेडिकल डायरेक्टर से रिटायर लीला ने मध्य प्रदेश में आदिवासी महिलाओं को मुफ्त में इलाज देना शुरू किया। डॉ. जोशी पिछले 22 सालों से इस कार्य में लगी हुईं है और 82 साल की उम्र में भी उनके जोश में कोई कमी नहीं आई है।
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