लखनऊ, देश के दिग्गज नेता और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान जी की आज 6वीं पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजक स्वयं उनके पुत्र और केंद्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान थे। सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य रूप से शामिल हुए और स्व. पासवान के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर चिराग पासवान ने भावुक होते हुए सोशल मीडिया पर आभार जताया। चिराग ने एक्स पर लिखा - *"योगी जी ने अपना बहुमूल्य समय निकालकर पापा को श्रद्धांजलि दी। उनका खुद आकर श्रद्धांजलि देना मेरे और मेरे परिवार के लिए सम्मान का क्षण है। इससे साफ है कि पापा और योगी जी का रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्नेह और आत्मीयता का था।"* स्व. रामविलास पासवान को दलितों-पिछड़ों की आवाज माना जाता था और उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत रत्न बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा करने में लगा दिय...
पुणे में भारत के विशाल मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) समेत एक्स-रे और रेडियो टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर खगोलविदों ने ‘बिग बैंग’ के बाद से ब्रह्मांड में दिखे सबसे बड़े विस्फोट का पता लगाया है। इसमें पता चला है कि विस्फोट ओफियुकस आकाशगंगा समूह में हुआ जो धरती से 39 करोड़ प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
इसमें कहा गया कि इस विस्फोट से आकाशगंगा गुच्छ एमएस0735+74 में हुए विस्फोट की तुलना में पांच गुना ज्यादा ऊर्जा निकली। अध्ययन की सह लेखिका और ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी की मेलानी जॉनस्टन होलिट ने कहा कि हम इससे पहले आकाशगंगाओं के मध्य में विस्फोट देखे हैं लेकिन यह वाकई में बहुत जबरदस्त है। और हमें नहीं पता कि यह इतना बड़ा क्यों है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा, लेकिन यह बहुत धीरे-धीरे हुआ, जैसे करोड़ों वर्षों में कोई विस्फोट बेहद धीमी गति से हुआ हो। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसने ब्लैक होल के आस-पास बेहद गर्म गैस से बने समूह प्लाज्मा में गढ्ढा कर दिया।
प्रमुख अनुसंधानकर्ता अमेरिका के नेवल रिसर्च लैबोरेटरी की सिमोना गियासिनतुची ने कहा कि यह विस्फोट माउंट सेंट हेलेन्स के 1980 के विस्फोट जैसा है जिसने पहाड़ का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया था। गियासिनतुची ने कहा कि अंतर इतना है कि आप 15 आकाशगंगाओं को इस गढ्ढे में फिट कर सकते हैं जो इस विस्फोट के कारण प्लाज्मा में हुआ है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा कि प्लाज्मा समूह में हुए गड्ढे को पूर्व में एक्स-रे टेलीस्कोप की मदद से देखा गया था। यह अनुसंधान एस्ट्रोफिजिकल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा, लेकिन यह बहुत धीरे-धीरे हुआ, जैसे करोड़ों वर्षों में कोई विस्फोट बेहद धीमी गति से हुआ हो। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसने ब्लैक होल के आस-पास बेहद गर्म गैस से बने समूह प्लाज्मा में गढ्ढा कर दिया।
प्रमुख अनुसंधानकर्ता अमेरिका के नेवल रिसर्च लैबोरेटरी की सिमोना गियासिनतुची ने कहा कि यह विस्फोट माउंट सेंट हेलेन्स के 1980 के विस्फोट जैसा है जिसने पहाड़ का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया था। गियासिनतुची ने कहा कि अंतर इतना है कि आप 15 आकाशगंगाओं को इस गढ्ढे में फिट कर सकते हैं जो इस विस्फोट के कारण प्लाज्मा में हुआ है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा कि प्लाज्मा समूह में हुए गड्ढे को पूर्व में एक्स-रे टेलीस्कोप की मदद से देखा गया था। यह अनुसंधान एस्ट्रोफिजिकल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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