होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
पुणे में भारत के विशाल मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) समेत एक्स-रे और रेडियो टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर खगोलविदों ने ‘बिग बैंग’ के बाद से ब्रह्मांड में दिखे सबसे बड़े विस्फोट का पता लगाया है। इसमें पता चला है कि विस्फोट ओफियुकस आकाशगंगा समूह में हुआ जो धरती से 39 करोड़ प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
इसमें कहा गया कि इस विस्फोट से आकाशगंगा गुच्छ एमएस0735+74 में हुए विस्फोट की तुलना में पांच गुना ज्यादा ऊर्जा निकली। अध्ययन की सह लेखिका और ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी की मेलानी जॉनस्टन होलिट ने कहा कि हम इससे पहले आकाशगंगाओं के मध्य में विस्फोट देखे हैं लेकिन यह वाकई में बहुत जबरदस्त है। और हमें नहीं पता कि यह इतना बड़ा क्यों है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा, लेकिन यह बहुत धीरे-धीरे हुआ, जैसे करोड़ों वर्षों में कोई विस्फोट बेहद धीमी गति से हुआ हो। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसने ब्लैक होल के आस-पास बेहद गर्म गैस से बने समूह प्लाज्मा में गढ्ढा कर दिया।
प्रमुख अनुसंधानकर्ता अमेरिका के नेवल रिसर्च लैबोरेटरी की सिमोना गियासिनतुची ने कहा कि यह विस्फोट माउंट सेंट हेलेन्स के 1980 के विस्फोट जैसा है जिसने पहाड़ का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया था। गियासिनतुची ने कहा कि अंतर इतना है कि आप 15 आकाशगंगाओं को इस गढ्ढे में फिट कर सकते हैं जो इस विस्फोट के कारण प्लाज्मा में हुआ है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा कि प्लाज्मा समूह में हुए गड्ढे को पूर्व में एक्स-रे टेलीस्कोप की मदद से देखा गया था। यह अनुसंधान एस्ट्रोफिजिकल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा, लेकिन यह बहुत धीरे-धीरे हुआ, जैसे करोड़ों वर्षों में कोई विस्फोट बेहद धीमी गति से हुआ हो। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसने ब्लैक होल के आस-पास बेहद गर्म गैस से बने समूह प्लाज्मा में गढ्ढा कर दिया।
प्रमुख अनुसंधानकर्ता अमेरिका के नेवल रिसर्च लैबोरेटरी की सिमोना गियासिनतुची ने कहा कि यह विस्फोट माउंट सेंट हेलेन्स के 1980 के विस्फोट जैसा है जिसने पहाड़ का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया था। गियासिनतुची ने कहा कि अंतर इतना है कि आप 15 आकाशगंगाओं को इस गढ्ढे में फिट कर सकते हैं जो इस विस्फोट के कारण प्लाज्मा में हुआ है।
जॉनस्टन होलिट ने कहा कि प्लाज्मा समूह में हुए गड्ढे को पूर्व में एक्स-रे टेलीस्कोप की मदद से देखा गया था। यह अनुसंधान एस्ट्रोफिजिकल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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