होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
बृहस्पतिवार रात गरज चमक के साथ पड़ी बारिश की फुहारों ने मौसम में एक बार फिर ठंड बढ़ा दी। इससे न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, शुक्रवार को हल्के बादल छाए रहने और तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। मसूरी में भी रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक रुक-रुक कर होती रही।
नैनीताल में बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे से बारिश जारी है। नैनीताल शहर और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। हालांकि बारिश के कारण शहर में बर्फ रुक नहीं पाई। चौखुटिया, लोहाघाट, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, काशीपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, बागेश्वर, जसपुर, भीमताल, किच्छा, रानीखेत, मुनस्यारी, पंतनगर, रामनगर सहित कुमाऊं के लगभग सभी इलाकों में रात से ही रुक-रुक का बारिश जारी है।
गढ़वाल में श्रीनगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी, उत्तरकाशी, नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। चमोली और रुद्रप्रयाग की ऊंची चोटियों में बर्फबारी की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आज हल्के बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में तेज आंधी चलने का भी अनुमान है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले कुछ दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहने का अनुमान है।
देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में आज भी 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में ओले गिरने का अनुमान है। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले दो-तीन दिन कई स्थानों पर बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
नैनीताल में बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे से बारिश जारी है। नैनीताल शहर और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। हालांकि बारिश के कारण शहर में बर्फ रुक नहीं पाई। चौखुटिया, लोहाघाट, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, काशीपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, बागेश्वर, जसपुर, भीमताल, किच्छा, रानीखेत, मुनस्यारी, पंतनगर, रामनगर सहित कुमाऊं के लगभग सभी इलाकों में रात से ही रुक-रुक का बारिश जारी है।
गढ़वाल में श्रीनगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी, उत्तरकाशी, नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। चमोली और रुद्रप्रयाग की ऊंची चोटियों में बर्फबारी की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आज हल्के बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में तेज आंधी चलने का भी अनुमान है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले कुछ दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहने का अनुमान है।
देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में आज भी 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में ओले गिरने का अनुमान है। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले दो-तीन दिन कई स्थानों पर बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
बदलता मौसम बढ़ा रहा आंखों की पीड़ा
मौसम कभी सर्द तो कभी अचानक गर्म हो रहा है। ऐसे मौसम में आंख में विभिन्न तरह की दिक्कतें होने का डर रहता है। ऐसे में डॉक्टर आंख जैसे संवेदनशील अंग का खास ख्याल रखने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
नेहरू कॉलोनी, हरिद्वार रोड स्थित नवज्योति आई क्लीनिक के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद अरोड़ा ने बताया कि आजकल आंखों में एलर्जी, आंखों के लाल होने, पानी निकलने और चुभन होने के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा आजकल आंखों में खुश्की (ड्राइनस) की समस्या भी रहती है।
खासकर जो लोग वाहन चलाते वक्त चश्मा या कवर्ड हेलमेट नहीं पहनते हैं, उन्हें यह दिक्कत ज्यादा होती है। कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने वालों की आंखों में भी ड्राइनेस की दिक्कत हो जाती है। इसी तरह आंख दुखने या आंख आने की समस्या (इंफेक्शन) की संभावना भी रहती है। आंख से चिपचिपा पदार्थ आना, लाली रहना और पानी आना इसके लक्षण हैं।
नेहरू कॉलोनी, हरिद्वार रोड स्थित नवज्योति आई क्लीनिक के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद अरोड़ा ने बताया कि आजकल आंखों में एलर्जी, आंखों के लाल होने, पानी निकलने और चुभन होने के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा आजकल आंखों में खुश्की (ड्राइनस) की समस्या भी रहती है।
खासकर जो लोग वाहन चलाते वक्त चश्मा या कवर्ड हेलमेट नहीं पहनते हैं, उन्हें यह दिक्कत ज्यादा होती है। कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने वालों की आंखों में भी ड्राइनेस की दिक्कत हो जाती है। इसी तरह आंख दुखने या आंख आने की समस्या (इंफेक्शन) की संभावना भी रहती है। आंख से चिपचिपा पदार्थ आना, लाली रहना और पानी आना इसके लक्षण हैं।
ऐसे करें बचाव
- प्रदूषण से बचने के लिए चश्मा जरूर पहनें।
- नार्मल पानी से आंखों को बीच-बीच में धोते रहें।
- दोपहिया वाहन चलाते समय चश्मा या कवर्ड हेलमेट पहनें।
- बंद चार पहिया वाहन में एसी की हवा सीधे आंखों पर न पड़े।
- ड्रायनेस की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह से अच्छे ल्यूब्रिकेंट्स (आई ड्रॉप) का इस्तेमाल करें।
- आंख आना फैलने वाली बीमारी है। यह किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आने से हो जाती है। इसलिए अगर घर में किसी को यह दिक्कत हो तो उनका तौलिया, रुमाल आदि बिना धुले इस्तेमाल न करें।
- आंख में कोई भी ड्राप बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के न डालें और न ही कोई दवा लें। किसी भी तरह दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।
- नार्मल पानी से आंखों को बीच-बीच में धोते रहें।
- दोपहिया वाहन चलाते समय चश्मा या कवर्ड हेलमेट पहनें।
- बंद चार पहिया वाहन में एसी की हवा सीधे आंखों पर न पड़े।
- ड्रायनेस की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह से अच्छे ल्यूब्रिकेंट्स (आई ड्रॉप) का इस्तेमाल करें।
- आंख आना फैलने वाली बीमारी है। यह किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आने से हो जाती है। इसलिए अगर घर में किसी को यह दिक्कत हो तो उनका तौलिया, रुमाल आदि बिना धुले इस्तेमाल न करें।
- आंख में कोई भी ड्राप बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के न डालें और न ही कोई दवा लें। किसी भी तरह दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।
बृहस्पतिवार रात गरज चमक के साथ पड़ी बारिश की फुहारों ने मौसम में एक बार फिर ठंड बढ़ा दी। इससे न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, शुक्रवार को हल्के बादल छाए रहने और तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। मसूरी में भी रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक रुक-रुक कर होती रही।
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