अचानक से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी ना हो इसके लिए रेलवे ने तत्काल सेवा की शुरुआत की थी, लेकिन एजेंटों की वजह से तत्काल टिकट दो मिनट में ही बुक हो जाता था। आरपीएफ ने इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिससे अब दो मिनट में ही तत्काल टिकट खत्म नहीं होंगे और यात्री आसानी से टिकट बुक कर पाएंगे।
60 एजेंटों को गिरफ्तार किया गया
रेलवे ने अवैध सॉफ्टवेयरों का सफाया करते हुए उन 60 एजेंटों को गिरफ्तार किया है जो ऐसे तरीकों से टिकटों की बुकिंग कर लेते थे। रेलवे के इस कदम से अब यात्रियों के लिए अधिक संख्या में तत्काल टिकट उपलब्ध हो सकेंगे। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों के लिए अब तत्काल टिकट घंटों तक उपलब्ध होंगे, जबकि पहले बुकिंग खुलने के बाद एक या दो मिनट पहले तक ही उपलब्ध होते थे।
आतंकवादी संगठन से जुड़े मिले तार
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें कोलकाता का एक व्यक्ति भी है और संदेह है कि उसका संपर्क बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से है। जनवरी में महानिदेशक ने कहा था कि एक ई-टिकट गिरोह का पर्दाफाश किया गया है जिसके तार आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन से जुड़े हो
सॉफ्टवेयर की मदद से टिकट बुकिंग में कम समय
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एएनएमएस, मैक और जगुआर जैसे अवैध सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी के लॉगिन कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक ओटीपी की बाइपास करते हैं। वास्तविक ग्राहकों को इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। उन्होंने बताया कि एक सामान्य ग्राहक के लिए बुकिंग प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 2.55 मिनट लगते हैं, लेकिन ऐसे सॉफ्टवेयरों का उपयोग करने वाले इसे लगभग 1.48 मिनट में पूरी कर लेते।
कोरोना इफेक्ट: महंगे हो जाएंगे चीन के सामान?
एजेंट बुक नहीं कर सकते तत्काल टिकट
रेलवे एजेंटों को तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति नहीं देता और पिछले दो महीनों में आरपीएफ ने लगभग 60 अवैध एजेंटों को पकड़ा जो इन सॉफ्टवेयरों के जरिए टिकट बुक कर रहे थे। ऐसे में अन्य लोगों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना वस्तुत: असंभव हो गया।
मात्र 3499 में करें विदेश का सफर
सभी सॉफ्टवेयर ब्लॉक किए गए
कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, 'आज मैं कह सकता हूं कि अवैध सॉफ्टवेयरों के जरिए एक भी टिकट नहीं बुक किया जा रहा है। हमने आईआरसीटीसी से जुड़े सभी मुद्दों को हल कर लिया है तथा उन लोगों को भी पकड़ लिया जो सॉफ्टवेयर के प्रमुख ऑपरेटर थे।' कुमार ने कहा कि इन गिरफ्तारियों के साथ ही अधिकतर अवैध सॉफ्टवेयरों को ब्लॉक कर दिया गया है जो सालाना 50 करोड़ -100 करोड़ रुपये का कारोबार करते थे।
Comments
Post a Comment