लखनऊ के फैजाबाद रोड स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट, 2-3 के निवासी, बगल के प्लॉट नंबर 4, फैजाबाद रोड पर एक होटल के लिए चल रहे निर्माण और गहरी खुदाई के कारण गंभीर सुरक्षा चिंताओं का सामना कर रहे हैं। निर्माण कार्य लगभग तीन साल पहले शुरू हुआ था, जिसके दौरान आसपास की जमीन को लगभग 50-60 फीट की गहराई तक खोदा गया था। निवासियों का आरोप है कि इतनी गहरी खुदाई शुरू करने से पहले बिल्डर द्वारा पर्याप्त सुरक्षा और अवरोधन उपाय नहीं किए गए थे। इंद्रप्रस्थ एस्टेट की तरफ से इसका प्रतिकूल प्रभाव बहुत जल्दी दिखना शुरू हो गया था। स्थिति उत्तरोत्तर बिगड़ती गई: सबसे पहले, समाज की सीमा दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।फिर, रास्तों और आसपास के इलाकों में दरारें दिखाई देने लगीं और चौड़ी होने लगीं।इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर भूस्खलन और जमीन धंसने की घटनाएं हुईं। बची हुई चारदीवारी भी अब गिरने लगी है। आस-पास की जमीन ढलान वाली है, जिससे सोसायटी के जनरेटर और बोरवेल, भूमिगत जल और सीवरेज पाइपलाइन और वर्षा जल संचयन कक्ष जैसे अन्य बुनियादी ढांचे संभावित रूप से उच्च जोखिम में हैं। पिछले तीन वर्षों में, निवासियों और अपा...
आज से अमेरिका एक नया नियम लागू करने जा रहा है। इस नियम से उन कानूनी आव्रजकों को ग्रीन कार्ड या कानूनी रूप से स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जाएगी जिन्होंने फूड स्टैम्प्स जैसी जन योजनाओं का फायदा उठाया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिका सोमवार से आव्रजन को लेकर नया नियम लागू करने जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में भारतीय एच-1बी वीजा धारकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, जो अमेरिका में स्थायी कानूनी निवास का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
नए नियम के तहत उन कानूनी आव्रजकों को ग्रीन कार्ड या कानूनी रूप से स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिन्होंने फूड स्टाम्स जैसी वित्तीय फायदे वाली योजनाओं का फायदा उठाया है। इस कदम से भारतीय नागरिकों की एक बड़ी संख्या प्रभावित हो सकती है, जिनके पास एच-1बी वीजा हैं और जो काफी समय से स्थायी कानूनी निवास की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रीशम ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद होमलैंड सुरक्षा विभाग सोमवार को अपना कानून लागू कर पाएगा। इस फैसले से अमेरिकी करदाताओं को सुरक्षा मिलेगी। वास्तव में जरूरतमंद अमेरिकी लोगों के लिए कल्याण योजनाएं सुरक्षित होंगी, संघीय घाटा कम होगा। यह मौलिक कानूनी सिद्धांत दोबारा स्थापित होगा कि हमारे समाज में आने वाले नए लोग वित्तीय रूप से आत्म निर्भर हों और अमेरिका के करदाताओं पर बोझ न बनें।’
नए नियम के तहत उन कानूनी आव्रजकों को ग्रीन कार्ड या कानूनी रूप से स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिन्होंने फूड स्टाम्स जैसी वित्तीय फायदे वाली योजनाओं का फायदा उठाया है। इस कदम से भारतीय नागरिकों की एक बड़ी संख्या प्रभावित हो सकती है, जिनके पास एच-1बी वीजा हैं और जो काफी समय से स्थायी कानूनी निवास की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रीशम ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद होमलैंड सुरक्षा विभाग सोमवार को अपना कानून लागू कर पाएगा। इस फैसले से अमेरिकी करदाताओं को सुरक्षा मिलेगी। वास्तव में जरूरतमंद अमेरिकी लोगों के लिए कल्याण योजनाएं सुरक्षित होंगी, संघीय घाटा कम होगा। यह मौलिक कानूनी सिद्धांत दोबारा स्थापित होगा कि हमारे समाज में आने वाले नए लोग वित्तीय रूप से आत्म निर्भर हों और अमेरिका के करदाताओं पर बोझ न बनें।’
11 प्रतिशत भारतीयों ने उठाया है लाभ
अमेरिकी नागरिकता व आव्रजन सेवा के अनुसार, नए कानून में स्थायी निवास की अनुमति मांग रहे व्यक्ति को यह दिखाना होगा कि उसने गैर प्रवासी दर्जा हासिल करने के बाद से वित्तीय फायदे वाली योजनाओं का लाभ नहीं उठाया। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट, 2018 के अनुसार 61 प्रतिशत गैर नागरिक बांग्लादेशी परिवारों, 48 प्रतिशत गैर-नागरिक पाकिस्तानी और 11 प्रतिशत गैर नागरिक भारतीय परिवारों ने जन लाभ हासिल किए, जिनकी नए कानून के अनुसार जांच की जाएगी
होमलैंड सुरक्षा विभाग करेगा पहचान
14 अगस्त, 2019 को प्रकाशित अंतिम नियम को 15 अक्तूबर 2019 से लागू करना था, लेकिन अदालतों के विभिन्न फैसलों की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका था। नए कानून के तहत होमलैंड सुरक्षा विभाग यह पहचान करेगा कि कौन विदेशी नागरिक देश में रहने योग्य नहीं है और क्यों उसे अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति नहीं दी जा सकती। क्योंकि वह भविष्य में कभी भी ‘पब्लिक चार्ज’ बन सकता है।
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