होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि विजय माल्या शीर्ष न्यायालय में लंबित अपनी याचिका का इस्तेमाल अन्य न्यायाधिकार क्षेत्रों में उनके खिलाफ शुरू की गई दिवालिया कार्रवाई पर रोक के लिए नहीं कर सकते हैं।
केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि माल्या ने ब्रिटेन की अदालत में दिवालिया कार्रवाई में फैसला सुनाने से रोकने के लिए अपनी लंबित याचिका का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया।
माल्या ने 27 जून को शीर्ष अदालत से उसकी और उसके संबंधियों की संपत्तियों की कुर्की पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। माल्या वर्तमान में ब्रिटेन में हैं। उस पर प्रवर्तन निदेशालय ने बैंकों से लिए 9,000 करोड़ रुपए के कर्ज वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। ब्रिटेन में माल्या के खिलाफ प्रत्यर्पण कार्रवाई भी चल रही है।
केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि माल्या ने ब्रिटेन की अदालत में दिवालिया कार्रवाई में फैसला सुनाने से रोकने के लिए अपनी लंबित याचिका का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया।
माल्या ने 27 जून को शीर्ष अदालत से उसकी और उसके संबंधियों की संपत्तियों की कुर्की पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। माल्या वर्तमान में ब्रिटेन में हैं। उस पर प्रवर्तन निदेशालय ने बैंकों से लिए 9,000 करोड़ रुपए के कर्ज वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। ब्रिटेन में माल्या के खिलाफ प्रत्यर्पण कार्रवाई भी चल रही है।
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