संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ 11 जनवरी को कोलकाता में आयोजित पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं ने ममता को घेरा था जिसका स्वत: संज्ञान लेते हुए 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इनमें नुकसान पहुंचाने, आपराधिक धमकी देने के साथ-साथ गैर-जमानती धाराएं भी शामिल हैं और साथ ही एक जन सेवक को उसकी ड्यूटी करने से रोकने का मामला भी शामिल है। हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के एक सूत्र ने यह जानकारी दी, जहां यह मामला दर्ज किया गया है।
माकपा से संबद्ध छात्र संगठन एसएफआई ने आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक कर सीएए के खिलाफ लड़ाई कमजोर कर दी है। कोलकाता पुलिस के शीर्ष अधिकारी इस पूरे मामले को लेकर चुप हैं।
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