वर्ष 1901 के बाद 2019 सातवां सबसे गर्म साल रहा। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। 2019 के लिए जारी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पांच सबसे गर्म साल हैं :- 2016 (+0.71 डिग्री सेल्सियस), 2009 (+0.541 डिग्री सेल्सियस), 2010 (+0.54 डिग्री सेल्सियस), 2017 (+0.539 डिग्री सेल्सियस) और 2015 (+0.42 डिग्री सेल्सियस)। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 सबसे गर्म वर्षो में से 11 पिछले 15 वर्षो (2005-2019) के दौरान ही रहे हैं।
विभाग के मुताबिक, 2019 में भारतीय समुद्रों के ऊपर आठ चक्रवात बने। इनमें से पांच अरब सागर के ऊपर बने और इनकी तीव्रता भी अधिक रही। इससे पहले अरब सागर के ऊपर पांच चक्रवात 1902 में बने थे। सामान्य तौर पर भारतीय समुद्रों के ऊपर साल में एक ही चक्रवात बनता है।
2019 में देश में बारिश भी दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 109 फीसद रही। भारी बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में देशभर में 850 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इनमें सबसे ज्यादा 306 लोग बिहार में मारे गए। इसके बाद महाराष्ट्र (136), उत्तर प्रदेश (107), केरल (88), राजस्थान (80) और कर्नाटक (43) का स्थान रहा। मार्च से जून के दौरान लू लगने से देशभर में 350 लोगों की जान गई। इस मामले में भी मरने वालों की संख्या बिहार (293) में सबसे अधिक रही।
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