दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा को लेकर जयपुर में एनएसयूआई व एबीवीपी के छात्र सोमवार को आपस में भिड़ गए। दोनों संगठनों के छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान राजस्थान यूनिवर्सिटी के बाहर रास्ता रोक दिया। इस पर पुलिस दोनों संगठनों के करीब 10 छात्रों को थाने ले गई।
पुलिस के अनुसार जेएनयू की घटना के विरोध में राजस्थान यूनिवर्सिटी में एबीवीपी व एनएसयूआई के छात्रों का प्रदर्शन था। प्रदर्शन के दौरान दोनों संगठनों के छात्र आमने-सामने हो गए। छात्रों को दिल्ली की घटना के विरोध में प्रदर्शन करना था, लेकिन दोनों संगठन आमने-सामने हो गए। एनएसयूआई ने जहां इस घटना के विरोध में एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया वहीं एबीवीपी ने इस सब के लिए वाम दलों से जुड़े संगठनों को जिम्मेदार बताया।
दोनों ओर के छात्र गुंडागर्दी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाते हुए आमने-सामने हो गए। छात्र कैंपस के मेन गेट से बाहर निकलकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इससे वहां ट्रैफिक जाम हो गया। इस पर पुलिस ने छात्रों को उठाया और अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने 10 छात्रों को पकड़ा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में रविवार को जेएनयू कैंपस में जमकर हिंसा हुई। एबीवीपी और वाम समर्थक जेएनयू स्टूडेंट यूनियन (जुंसु) ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया। 20 घायल छात्रों को एम्स में भर्ती कराया है। घटना के वीडियो में नकाबपोश लोग डंडों से से छात्र-छात्राओं को पीटते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, लाक कैंपस के बाहर अनुमति का इंतजार करती रही और बवाल बढ़ गया। अनुमति के बाद पुलिस परिसर में पहुंची और फ्लैग मार्च किया। इसके बाद स्थिति संभली। हिंसा के बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी प्रशासन तथा गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस से घटना की रिपोर्ट मांगी। दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे के छात्रों को बुरी तरह से पीटने का आरोप लगाया है। रात साढ़े 10 बजे प्रियंका गांधी वाड्रा एम्स में घायल छात्रों से मिलने पहुंचीं।
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