होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
कोरोना वायरस के आतंक ने गूगल, फेसबुक और एपल जैसी कंपनियों पर गंभीर असर डाला है। जहां गूगल ने चीन में स्थित अपने दफ्तर को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है वहीं फेसबुक और एपल ने अपने कामकाज वहां बेहद सीमित कर लिए हैं। गूगल ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि जबतक बेहद जरूरी न हो वे घर से बाहर न निकलें। गूगल के इस ऑफिस के बंद होने का असर हांगकांग और ताइवान पर भी पड़ रहा है और गूगल ने इन दोनों देशों के अपने कर्मचारियों से भी कहा है कि वो चीन न जाएं।
नए साल की छुट्टियां को 31 जनवरी से तीन फरवरी तक बढ़ाए जाने के निर्देश के बाद और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी लगी रोक का असर साफ नजर आ रहा है। कोरोना वायरस की वजह से अस्त व्यस्त हुए जीवन और कामकाज को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि कई कंपनियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस साल शुरु होने वाले एपल के तमाम नए उत्पादों के आने में काफी देरी हो सकती है।
गूगल के चीन में चार ऑफिस हैं जबकि ताइवान में पांच। चीन के दफ्तरों में सेल्स, इंजीनियरिंग और विज्ञापन का काम होता है। गूगल ने अपने कर्मचारियों को अगले दो हफ्तों तक अपने घर से ही काम करने का निर्देश दिया है। साथ ही गूगल ने इस वायरस से निपटने के लिए चीन की रेडक्रॉस सोसाइटी को ढाई लाख डॉलर दिए हैं। रेडक्रॉस पहले ही इस वायरस से प्रभावित मरीजों की मदद के लिए पांच लाख डॉलर का फंड जुटा चुकी है।
गौरतलब है कि गूगल पिछले कई सालों से चीन में कामकाज करने की कोशिश में लगी रही थी। 2010 में में उसने वहां अपना ऑपरेशन बंद कर दिया था, लेकिन फिर 2018 से वह चीन में अपना कामकाज शुरू करने में कामयाब हो गई थी।
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