होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां से अपनी बेटी के दरिंदों को माफ करने का अनुरोध किया है। निर्भया के दरिंदों के लिए अदालत ने नया डेथ वारंट जारी किया है। अब उन्हें एक फरवरी को फांसी पर लटकाया जाएगा। दरिंदों ने चलती बस में 16 दिसंबर, 2012 की रात को 23 साल की मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
निर्भया की मां आशा देवी ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत द्वारा आरोपियों की फांसी की तारीख टालने पर जब अपनी निराशा व्यक्त की तो उसके कुछ देर बाद ही जयसिंह ने ट्विटर पर उनसे आरोपियों को माफ करने का अनुरोध किया।
जयसिंह ने ट्वीट कर कहा, 'मैं आशा देवी के दर्द से पूरी तरह से वाकिफ हूं। मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वह सोनिया गांधी के उदाहरण का अनुसरण करें जिन्होंने नलिनी को माफ कर दिया और कहा कि वह उसके लिए मौत की सजा नहीं चाहती हैं। हम आपके साथ हैं लेकिन मौत की सजा के खिलाफ हैं।'
वरिष्ठ वकील के अनुरोध पर आशा देवी ने कहा, 'इंदिरा जयसिंह मुझे इस तरह का सुझाव देने वाली होती कौन हैं? पूरा देश आरोपियों के लिए फांसी चाहता है। उनके जैसे लोगों के कारण दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल पाता है।'
1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में भूमिका के लिए नलिनी को गिरफ्तार किया गया था और उसे इस मामले में दोषी ठहराया गया है। इससे पहले शुक्रवार को आशा देवी ने सरकार और कोर्ट को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा था कि जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख।
उन्होंने कहा कि अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि जब 2012 में घटना हुई तब इन्हीं लोगों ने हाथ में तिरंगा लिया और काली पट्टी बांधी, खूब रैलियां कीं, खूब नारे लगाए। लेकिन आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा आप ने रोक दिया, कोई कह रहा है मुझे पुलिस दे दीजिए दो दिन में रोक के दिखाऊंगा।
निर्भया के दोषियों को पहले 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी दी जानी थी। अब उन्हें एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। आशा देवी का कहना है कि जब तक उन्हें लटकाया नहीं जाता मुझे संतुष्टि नहीं मिलेगी। बता दें कि निर्भया के चार दोषियों विनय, अक्षय, पवन और मुकेश के पास कानूनी विकल्प लगभग खत्म हो गए हैं।
जयसिंह ने ट्वीट कर कहा, 'मैं आशा देवी के दर्द से पूरी तरह से वाकिफ हूं। मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वह सोनिया गांधी के उदाहरण का अनुसरण करें जिन्होंने नलिनी को माफ कर दिया और कहा कि वह उसके लिए मौत की सजा नहीं चाहती हैं। हम आपके साथ हैं लेकिन मौत की सजा के खिलाफ हैं।'
वरिष्ठ वकील के अनुरोध पर आशा देवी ने कहा, 'इंदिरा जयसिंह मुझे इस तरह का सुझाव देने वाली होती कौन हैं? पूरा देश आरोपियों के लिए फांसी चाहता है। उनके जैसे लोगों के कारण दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल पाता है।'
1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में भूमिका के लिए नलिनी को गिरफ्तार किया गया था और उसे इस मामले में दोषी ठहराया गया है। इससे पहले शुक्रवार को आशा देवी ने सरकार और कोर्ट को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा था कि जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख।
उन्होंने कहा कि अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि जब 2012 में घटना हुई तब इन्हीं लोगों ने हाथ में तिरंगा लिया और काली पट्टी बांधी, खूब रैलियां कीं, खूब नारे लगाए। लेकिन आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा आप ने रोक दिया, कोई कह रहा है मुझे पुलिस दे दीजिए दो दिन में रोक के दिखाऊंगा।
निर्भया के दोषियों को पहले 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी दी जानी थी। अब उन्हें एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। आशा देवी का कहना है कि जब तक उन्हें लटकाया नहीं जाता मुझे संतुष्टि नहीं मिलेगी। बता दें कि निर्भया के चार दोषियों विनय, अक्षय, पवन और मुकेश के पास कानूनी विकल्प लगभग खत्म हो गए हैं।
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