होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
सात जनवरी वो तारीख है जिसका पूरा देश इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि यही वो दिन है जब निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख का एलान हो सकता है। हालांकि इस बीच तिहाड़ प्रशासन से कुछ ऐसी खबरें आ रही हैं जिससे निर्भया के दोषियों की मंशा का पता चलता है। खबर है कि निर्भया कांड के गुनहगार जेल में आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। जानिए आखिर आरोपी ऐसा क्यों करना चाहते हैं और फांसी के मुहाने पर आकर इस तरह की हरकत से उन्हें क्या लाभ होगा....
दरअसल ये सारी कोशिश फांसी की तारीख टालने के लिए है। बता दें कि अगर दोषियों पर कोई नया केस चलता है तो जब तक उसका निपटारा नहीं हो जाता तब उन्हें फांसी की सजा नहीं हो सकती। बताया जा रहा है कि तिहाड़ प्रशासन को जेल नंबर-2 में बंद तीन दोषियों अक्षय, मुकेश और पवन की मंशा का पता चल गया है।
बताया जा रहा है कि जेल नंबर दो के अधीक्षक ने जेल मुख्यालय को खत लिखकर इसकी जानकारी दी है। सिर्फ यही नहीं जेल अधीक्षक ने तीनों दोषियों को हाईसिक्योरिटी सेल में भी शिफ्ट करने की अनुमति मांगी है।
बता दें कि जेल अधीक्षक ने जो खत लिखा है उसमें उन्होंने बताया है कि निर्भया के तीनों दोषी या तो आपस में झगड़कर खुद को नुकसान पहुंचा सकते हैं या फिर किसी अन्य कैदी से लड़ सकते हैं। इस पत्र में कहा गया है कि इन्हें अलग-अलग रखकर गुटबाजी खत्म करना जरूरी है।
दोषियों के पास क्या है उपाय
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार दोषियों में से तीन ने तिहाड़ जेल प्रशासन के नोटिस का जवाब दे दिया है। चौथे दोषी मुकेश की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। तीन दोषियों विनय, अक्षय और पवन की ओर दिए गए जवाब में दया याचिका से पहले क्यूरेटिव याचिका दायर करने की बात कही गई है। इस जवाब में लिखा है कि उनके पास अभी क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा है। जेल के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार ने बताया कि दोषियों के जवाब से पटियाला हाउस कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। उसके बाद कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार दोषियों में से तीन ने तिहाड़ जेल प्रशासन के नोटिस का जवाब दे दिया है। चौथे दोषी मुकेश की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। तीन दोषियों विनय, अक्षय और पवन की ओर दिए गए जवाब में दया याचिका से पहले क्यूरेटिव याचिका दायर करने की बात कही गई है। इस जवाब में लिखा है कि उनके पास अभी क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा है। जेल के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार ने बताया कि दोषियों के जवाब से पटियाला हाउस कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। उसके बाद कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।
पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि जेल प्रशासन दोषियों को नोटिस जारी कर पूछे कि वह दया याचिका दायर करना चाहते हैं या नहीं। इस आदेश पर जेल प्रशासन ने चारों दोषियों को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा था। इस नोटिस के जवाब में विनय, अक्षय और पवन की ओर से जेल प्रशासन को जवाब दे दिया गया। दोषियों के वकील एपी सिंह ने बताया कि क्यूरेटिव याचिका दायर करने के बाद जो भी नतीजे आएंगे उसके आधार पर वह आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे। सात जनवरी को इस मामले की कोर्ट में सुनवाई होनी है।
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