होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ विलय होने जा रहा है। इसकी मंजूरी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ने दी।
कोलकाता में हुई थी बैठक
इस संदर्भ में पश्चिम बंगाल स्टेट जनरल इंश्योरेंस कर्मचारी एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी तपन मित्रा ने कहा कि, 'कोलकाता में सोमवार को इन तीनों कंपनियों के विलय को मंजूरी देने के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की बोर्ड की बैठक हुई थी। इसी बैठक में इनके विलय को मंजूरी दी गई।' उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से तीनों कंपनियों के विलय की घोषणा से पहले यह बैठक बुलाई गई थी।
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बोर्ड द्वारा विलय को मंजूरी देने से पहले ही ओरियंटल और यूनाइटेड इंडिया का बोर्ड इसे मंजूरी दे चुका था। इसके लिए इन दोनों कंपनियों के बोर्ड की बैठक शुक्रवार को हुई थी। इस विलय में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी भी शामिल हो सकती है।
बता दें कि ट्रेड यूनियंस का दावा है कि सरकार चार सरकारी जनरल बीमा इंश्योरेंस कंपनियों का विलय कर एक बड़ी कंपनी बनाना चाहती है। सरकार इन इंश्योरेंस कंपनियों को एक साथ कर इन्हें मजबूती प्रदान करना चाहती है।
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बोर्ड द्वारा विलय को मंजूरी देने से पहले ही ओरियंटल और यूनाइटेड इंडिया का बोर्ड इसे मंजूरी दे चुका था। इसके लिए इन दोनों कंपनियों के बोर्ड की बैठक शुक्रवार को हुई थी। इस विलय में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी भी शामिल हो सकती है।
बता दें कि ट्रेड यूनियंस का दावा है कि सरकार चार सरकारी जनरल बीमा इंश्योरेंस कंपनियों का विलय कर एक बड़ी कंपनी बनाना चाहती है। सरकार इन इंश्योरेंस कंपनियों को एक साथ कर इन्हें मजबूती प्रदान करना चाहती है।
अरुण जेटली ने की थी घोषणा
वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीनों सरकारी जनरल बीमा कंपनियों के विलय के प्रस्ताव की घोषणा की थी। लेकिन इन कंपनियों का विलय कई कारणों के चलते जैसे खराब वित्तीय सेहत की वजह से नहीं हो पाया था।
पूंजी डालने की हो सकती है घोषणा
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के लिए दूसरे दौर की पूंजी डालने की घोषणा कर सकती हैं। कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए सरकार यह कदम उठा सकती है और बजट में इसके लिए घोषणा कर सकती हैं। बता दें कि सरकार ने पिछले महीने यानी दिसंबर में 2019-20 के लिए पहली अनुदान के लिए अनुपूरक मांग में नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में 2,500 करोड़ रुपये डालने की घोषणा की थी।
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