होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 16वां मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 28 जनवरी से तीन फरवरी तक चलेगा। इसमें डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्में और एनिमेशन फिल्म दिखाई जाएंगी। इस महोत्सव को खास बनाने के लिए मंत्रालय ने इस बार वी शांताराम पुरस्कार के अलावा कई नई श्रेणियों में भी पुरस्कार शुरू किए हैं। ये पुरस्कार तीन फरवरी को दिए जाएंगे।
समारोह में शामिल होने के लिए इस बार 729 देसी प्रविष्टियों के अलावा 24 देशों की 144 प्रविष्टियां मिली हैं। इसमें विशेष रूप से यूरोपियन संघ की फिल्में शामिल हैं। समारोह में रूस की एनिमेशन फिल्में, फिनलैंड और बुल्गारिया की ऑस्कर नामांकित फाउवे, कनाडा की लघु फिल्म फयूवा, कनाडा की डिटेंनमेंट और फ्रांस की रात को बगीचे में शॉर्ट फिल्म दिखाई जाएगी।
इसके अलावा सत्यजीत रे की लघु फिल्में जिनमें रविंद्रनाथ टैगोर, द इनर आई, पीकू जैसी शॉर्ट फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी। इस बार के समारोह में फोकस कंट्री का गौरव आयरलैंड के पास होगा। इसके अलावा छात्रों की बनाई फिल्में भी समारोह का आकर्षण होंगी। इसमें एफटीआईआई, एसआरएफटीआई, एनआईडी, एफटीआईटी, सृष्टि और क्राफ्ट स्कूल के छात्रों द्वारा बनाई गई एनिमेशन, शार्ट और डाक्यूमेंट्री फिल्में देखने का मौका मिलेगा ।
समारोह में शामिल होने के लिए इस बार 729 देसी प्रविष्टियों के अलावा 24 देशों की 144 प्रविष्टियां मिली हैं। इसमें विशेष रूप से यूरोपियन संघ की फिल्में शामिल हैं। समारोह में रूस की एनिमेशन फिल्में, फिनलैंड और बुल्गारिया की ऑस्कर नामांकित फाउवे, कनाडा की लघु फिल्म फयूवा, कनाडा की डिटेंनमेंट और फ्रांस की रात को बगीचे में शॉर्ट फिल्म दिखाई जाएगी।
इसके अलावा सत्यजीत रे की लघु फिल्में जिनमें रविंद्रनाथ टैगोर, द इनर आई, पीकू जैसी शॉर्ट फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी। इस बार के समारोह में फोकस कंट्री का गौरव आयरलैंड के पास होगा। इसके अलावा छात्रों की बनाई फिल्में भी समारोह का आकर्षण होंगी। इसमें एफटीआईआई, एसआरएफटीआई, एनआईडी, एफटीआईटी, सृष्टि और क्राफ्ट स्कूल के छात्रों द्वारा बनाई गई एनिमेशन, शार्ट और डाक्यूमेंट्री फिल्में देखने का मौका मिलेगा ।
वर्कशॉप का होगा आयोजन
अंतरराष्ट्रीय स्तर की संपादन कार्यशाला, ड्रोन फोटोग्राफी, एनिमेटर माइकल डुडोक डे विट और थॉमस वॉ जैसे वरिष्ठ फिल्मकारों की कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती और सत्यजीत रे की जन्मशती मनाने के साथ देश के जाने वाले फिल्मकारों को उनकी फिल्में की स्क्रीनिंग और प्रदर्शनी के माध्यम से श्रद्धांजलि भी दी जाएगी।
महोत्सव में लघु, एनिमेशन और वृतचित्र श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। फेस्टिवल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म को 10 लाख का नकद गोल्डन शंख पुरस्कार दिया जाएगा। जबकि अन्य पुरस्कारों में एक से पांच लाख तक के सिल्वर शंख, ट्राफी और प्रमाण पत्र भी हैं। इस बार जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर भी सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का विशेष पुरस्कार दिया जाएगा।
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