घरेलू बाजार में प्याज के दाम कम होने से राज्य सरकारें आयातित प्याज उठाने से पीछे हट रही हैं। खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि चिंतित केंद्र सरकार ने आयातित प्याज कीमतें घटाने का फैसला किया है। अब राज्यों को प्याज बंदरगाह तक लाने की लागत (लैंडिंग कॉस्ट) पर उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि परिवहन लागत को केंद्र खुद वहन करेगा।
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि जब घरेलू बाजार में प्याज की कीमत 120 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक चली गई थी, तब राज्यों ने 33,139 टन प्याज की मांग की थी। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने 41,950 टन प्याज के आयात का ऑर्डर दिया था। यह ऑर्डर 49 से 58 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर दिया गया है।
बाद में घरेलू बाजार में इसकी कीमत कम होने से कुछ राज्यों ने अपना ऑर्डर रद्द कर दिया। अभी तक महाराष्ट्र ने 3,480 टन, असम ने 10,000 टन, हरियाणा ने 2,500 टन, कर्नाटक ने 250 टन और ओडिशा ने 100 टन प्याज का ऑर्डर रद्द किया है।
5 हजार टन का ऑर्डर रद्द
पासवान ने कहा कि राज्यों द्वारा प्याज उठाने में रुचि नहीं दिखाने की वजह से केंद्र ने 5,000 टन प्याज के आयात का ऑर्डर रद्द कर दिया है। हालांकि, भारतीय बंदरगाहों पर अब तक करीब 13,800 टन प्याज पहुंच चुका है और इस महीने के आखिर तक 36 हजार टन प्याज और आ जाएगा। इससे आयातित प्याज के उठाव का दबाव और बढ़ जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल हमने राज्यों से कहा है कि विभिन्न शहरों में भेजने की जो भी परिवहन लागत आएगी, उसे केंद्र सरकार उठाएगी।
इन राज्यों में घटे प्याज के दाम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ की नई फसल आने से घरेलू बाजार में प्याज के दाम कुछ नरम हुए हैं। दिल्ली में मंगलवार को प्याज 70 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव रहा, जो 19 दिसंबर को 118 रुपये किलो तक बिका था। इसी तरह, मुंबई में भी प्याज का भाव दिसंबर के 120 रुपये से गिरकर 80 रुपये पर आ गया है। इस दौरान सरकार ने आयातित प्याज में से करीब 1,000 टन प्याज दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों को भेज दिया था।
कैबिनेट सचिव ने की राज्यों से बात
खाद्य एवं जन वितरण विभाग के कैबिनेट सचिव अविनाश कुमार ने सभी राज्यों के खाद्य सचिवों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मंगलवार को बैठक की है। उन्होंने राज्यों को पुराने वादे की याद दिलाई और इस आयातित प्याज उठाने को कहा। उम्मीद है कि राज्य सरकारें अब विदेश से मंगाए गए प्याज उठाएंगी।
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