होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के जंगलों में लगी भीषण आग में 48 करोड़ वन्यजीव जलकर खाक हो गए हैं। अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों बेघर भी हो चुके हैं। मगर लाखों हेक्टेयर जंगलों में लगी आग में बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।
आग की वजह से करोड़ों बेजुबान राख का ढेर बन गए हैं और जो किसी तरह बचे भी हैं, उनकी आंखों में डर साफ तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोग ऐसे में इन मासूमों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल कोआला, कंगारुओं समेत अन्य वन्य जीवों की तस्वीरें आपको भावुक कर देंगी।
एक अनुमान के मुताबिक इन जंगलों में एक हेक्टेयर में औसतन 17.5 स्तनधारी पशु, 20.7 पक्षी और 129.5 सरीसृप थे। जबकि न्यू साउथ वेल्स में ही तीन लाख हेक्टेयर से ज्यादा जंगल जलकर खाक हो गए। इसे अगर पशु-पक्षियों की संख्या से गुणा करें तो यह आंकड़ा करीब 50 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
नुकसान की बात करें तो अकेले ऑस्ट्रेलिया में 8 हजार से ज्यादा कोआला की मौत हो गई। इस आग से न्यूजीलैंड में भी काफी नुकसान हुआ है।
करोड़ों पशुओं ने अपनी जान बचाने की भरसक कोशिश की। उन्होंने शहर की तरफ भागने का भी प्रयास किया, लेकिन अधिकतर वहां लगी कंटीली तारों में ही उलझकर रह गए और आग में जिंदा ही झुलस गए।
आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टरों से पानी भी बरसाया जा रहा है, लेकिन बारिश न होने की वजह से मुश्किलें हो रही हैं।
इस दौरान कुछ भावुक कर देने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस तस्वीर में घबराए कंगारू को गले लगाती एक महिला।
कोआला को बचाने के बाद उसकी प्यास बुझाते दमकलकर्मी
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