होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
जम्मू-कश्मीर को लेकर मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को टिप्पणी करना भारी पड़ गया है। भारत ने उससे पाम ऑइल के आयात में कटौती कर दी। जिसके बाद दोनों देशों के बीच बीते महीनों से जारी तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक चैनल के जरिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मलयेशिया को भारत की नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पाम ऑयल में आई 11 सालों की सबसे बड़ी गिरावट
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े पाम ऑयल उत्पादक देश मलयेशिया को शुक्रवार को कारोबार में झटका लगता हुआ दिखा। पाम ऑयल की बेंचमार्क कीमतों में शुक्रवार को पिछले 11 सालों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच मलयेशिया के तेवर कुछ नरम हुए हैं और उसने बातचीत की इच्छा जाहिर की है।
भारत और मलयेशिया के मंत्री करेंगे मुलाकात
अगले हफ्ते दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक होनी है। इससे इतर मलयेशिया के वाणिज्य मंत्री डारेल लेइकिंग अपने भारतीय समकक्ष पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक को लेकर कोई एजेंडा तय नहीं किया गया है। मगर माना जा रहा है कि संबंधों में सहजता लाने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण होगी।
मलयेशिया ने जताई बातचीत की इच्छा
मलयेशिया पाम ऑयल को लेकर भारत के साथ विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता है। मलयेशिया भारत के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए मसले को हल करना चाहता है। इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल साफ कर चुके हैं कि सरकार ने मलयेशिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
क्या कहा था महातिर ने
कश्मीर का जिक्र करते हुए मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि दुनिया म्यांमार में रोहिंग्याओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में नाकाम रही, जिसके कारण यूएन रेजॉलूशन के सम्मान में कमी आई है। अब, जम्मू और कश्मीर पर यूएन रेजॉलूशन के बाद भी, एक देश (भारत) ने इस पर जबरन कब्जा जमा लिया है। एक और ट्वीट में उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन इसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान को मिलकर इसका समाधान ढूंढना चाहिए।
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