होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
करदाताओं की सहूलियत के लिए आयकर विभाग ने करीब चार महीने पहले ही आकलन वर्ष 2020-21 के लिए रिटर्न फॉर्म को नोटिफाई कर दिया है। इसमें विभाग ने बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए करदाताओं से कई नई तरह की जानकारियां मांगी हैं। आयकर विभाग अमूमन किसी आकलन वर्ष का आईटीआर फॉर्म अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी करता है।
करदाताओं की मांग पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बार चार महीने पहले जनवरी की शुरुआत में ही दो फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। विभाग ने अभी आकलन वर्ष 2020-21 के लिए आईटीआर फॉर्म-1 सरल और आईटीआर-4 सहज फॉर्म को नोटिफाई किया है। अन्य फॉर्म भी जल्द करदाताओं के सामने आ जाएंगे। हालांकि, इन्हें अभी एक्टिवेट नहीं किया गया है।
मकान के संयुक्त मालिक तो भरें आईटीआर-2
आयकर विभाग ने बताया है कि सालाना 50 लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्तिगत करदाता या अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) अगर किसी मकान के संयुक्त रूप से मालिक हैं, तो अब वे आईटीआर-1 नहीं भर सकेंगे। दरअसल, कर बचाने के लिए आमतौर पर नौकरीपेशा दंपति संयुक्त रूप से किसी मकान को खरीदते हैं। इस पर बैंक से बड़ा कर्ज भी मिल जाता है। 2020-21 के लिए उन्हें आईटीआर-2 फॉर्म भरना होगा।
देना होगा पासपोर्ट नंबर
आयकर विभाग ने आगामी आकलन वर्ष से जिन करदाताओं के पास पासपोर्ट है, उनके लिए रिटर्न फॉर्म में इसकी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के अलावा आने वाले सभी रिटर्न फॉर्म पर भी लागू होंगे।
करदाताओं की मांग पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बार चार महीने पहले जनवरी की शुरुआत में ही दो फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। विभाग ने अभी आकलन वर्ष 2020-21 के लिए आईटीआर फॉर्म-1 सरल और आईटीआर-4 सहज फॉर्म को नोटिफाई किया है। अन्य फॉर्म भी जल्द करदाताओं के सामने आ जाएंगे। हालांकि, इन्हें अभी एक्टिवेट नहीं किया गया है।
मकान के संयुक्त मालिक तो भरें आईटीआर-2
आयकर विभाग ने बताया है कि सालाना 50 लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्तिगत करदाता या अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) अगर किसी मकान के संयुक्त रूप से मालिक हैं, तो अब वे आईटीआर-1 नहीं भर सकेंगे। दरअसल, कर बचाने के लिए आमतौर पर नौकरीपेशा दंपति संयुक्त रूप से किसी मकान को खरीदते हैं। इस पर बैंक से बड़ा कर्ज भी मिल जाता है। 2020-21 के लिए उन्हें आईटीआर-2 फॉर्म भरना होगा।
देना होगा पासपोर्ट नंबर
आयकर विभाग ने आगामी आकलन वर्ष से जिन करदाताओं के पास पासपोर्ट है, उनके लिए रिटर्न फॉर्म में इसकी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के अलावा आने वाले सभी रिटर्न फॉर्म पर भी लागू होंगे।
विदेश यात्रा का विवरण
अगर किसी करदाता ने वित्त वर्ष 2019-20 में परिवार के साथ विदेश यात्रा की है, तो उसे रिटर्न में ज्यादा जानकारियां देनी होंगी। इस यात्रा में अगर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है तो करदाता आईटीआर-1 फॉर्म नहीं भर सकेंगे। अगर ये करदाता आईटीआर-4 के दायरे में आते हैं, तो इन्हें खर्च की गई राशि का खुलासा करना होगा।
ज्यादा बिजली खपत का खुलासा
वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान किसी करदाता ने बिजली बिल पर 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, तो वह आईटीआर-1 दाखिल नहीं कर सकेगा। ऐसे करदाता को आईटीआर फॉर्म-4 का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें बिजली बिल पर खर्च राशि की जानकारी भी देनी होगी।
1 करोड़ से ज्यादा जमा पर सहज फॉर्म
आयकर विभाग के मुताबिक, किसी करदाता ने 2019-20 में किसी एक या ज्यादा बैंकों के चालू खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि जमा की है, तो उन्हें भी आईटीआर फॉर्म-4 यानी सहज चुनना होगा। साथ ही वित्त वर्ष के दौरान जमा की गई कुल राशि का भी खुलासा करना होगा।
ज्यादा बिजली खपत का खुलासा
वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान किसी करदाता ने बिजली बिल पर 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, तो वह आईटीआर-1 दाखिल नहीं कर सकेगा। ऐसे करदाता को आईटीआर फॉर्म-4 का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें बिजली बिल पर खर्च राशि की जानकारी भी देनी होगी।
1 करोड़ से ज्यादा जमा पर सहज फॉर्म
आयकर विभाग के मुताबिक, किसी करदाता ने 2019-20 में किसी एक या ज्यादा बैंकों के चालू खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि जमा की है, तो उन्हें भी आईटीआर फॉर्म-4 यानी सहज चुनना होगा। साथ ही वित्त वर्ष के दौरान जमा की गई कुल राशि का भी खुलासा करना होगा।
Comments
Post a Comment