आईआईटी दिल्ली के 1995 बैच के छात्र प्रशांत गुप्ता ने अपनी मां, बहन व परिवार के नाम पर रिसर्च चेयर स्थापित करने के लिए एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इस चेयर का नाम उमा-पुरस्कार-लिरिल गुप्ता चेयर होगा। यहां क्वांटम कंप्यूटिंग और हाई परफोरमेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में शोध कार्य किया जाएगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव और पूर्व छात्र प्रशांत गुप्ता ने एक करोड़ रुपये की अनुदान राशि देने के साथ चेयर स्थापित करने का समझौता किया। प्रो. राव ने कहा कि पूर्व छात्रों के सहयोग से संस्थान को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
संस्थान अब उमा-पुरस्कार-लिरिल गुप्ता चेयर के माध्यम से क्वांटम कंप्यू्टिग और हाई परफोरमेंस कंप्यूटिंग पर शोध करवायेगा। इससे छात्रों को सबसे अधिक लाभ होगा। इस चेयर के तहत शोध के साथ-साथ इस विषय में पढ़ाई पर भी खर्च किया जाएगा। इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
इसलिए यह संस्थान के लिए बेहद कारगर सिद्ध होगा। फिलहाल आईआईटी में पचास चेयर स्थापित हैं, जोकि विभिन्न माध्यमों से चलायी जा रही हैं। इनके तहत शोध व पढ़ाई होती है।
संस्थान ने मेरा जीवन बदला, अब मेरी बारी: प्रंशात गुप्ता
पूर्व छात्र प्रशांत गुप्ता का कहना है कि आईआईटी दिल्ली के कारण मेरे जीवन में सबसे अधिक बदलाव आया है। मैं आज जो भी हूं, अपने पूर्व संस्थान के चलते हूं। इसलिए मेरा भी कर्तव्य बनता है कि मैं अपने संस्थान के लिए कुछ करूं।
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