ए.सी.एच. एंटरटेनमेंट प्रा.लि. बैनर तले निर्मित की जा रही युवासुपरस्टार अरविन्द अकेला कल्लू और निर्देशक प्रमोद शास्त्री की हैट्रिक भोजपुरी फिल्म प्यार तो होना ही था का प्रोमोशनल सांग भव्य पैमाने पर फिल्माया गया है, जिसमें फिल्म के नायक नायिका, सभी कलाकार, निर्माता, निर्देशक एवं टोटल क्रू मेंबर एक साथ थिरकते हुए नजर आएंगे। भोजपुरी सिनेमा में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक ही फ्रेम में फ़िल्म की पूरी यूनिट नाचते, झूमते हुए दिखेंगे। इस प्रयोग से यह प्रतीत होता है कि भोजपुरी सिनेमा में अब बदलाव की बयार बहने लगी है। इस फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रमणीय स्थलों पर जोर शोर से की जा रही है। इस फिल्म का निर्माण फिल्म निर्माता अमित हिंडोचा भव्य पैमाने पर कर रहे हैं। वे काफी सुलझे हुए फिल्म मेकर हैं, वे भोजपुरी सिनेमा को स्वस्थ मनोरंजक व संपूर्ण पारिवारिक फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। काफी मझे हुए फिल्म निर्देशक प्रमोद शास्त्री हर वर्ग के दर्शकों के मनोरंजन का ध्यान में रखकर इस फिल्म की मेकिंग कर रहे हैं। भोजपुरिया दर्शकों के बीच एक बार फिर निर्देशक प्रमोद शास्त्री, नायक अरविन्द अकेला कल्लू की सुरपहिट जोड़ी खूब धमाल मचाने वाली है। फिल्म प्यार तो होना ही था के निर्माता अमित हिंडोचा हैं। निर्देशक प्रमोद शास्त्री हैं। लेखक एस. के. चौहान हैं। संगीतकार ओम झा हैं। गीतकार प्यारेलाल यादव कवि, एस. के. चौहान, सुमित सिंह चन्द्रवंशी, प्रकाश बारूद हैं। छायांकन जगमिंदर सिंह जग्गी, नृत्य कानू मुखर्जी, मारधाड़ दिनेश यादव, कला महेंद्र सिंह का है। कार्यकारी निर्माता दीपक सिंह, लाइन प्रोड्यूसर आनंद श्रीवास्तव, निर्माण सलाहकार कुमार विशाल वर्मा हैं। मुख्य कलाकार अरविन्द अकेला कल्लू, यामिनी सिंह, कनक यादव, सुशील सिंह, देव सिंह, अनूप अरोरा, समर्थ चतुर्वेदी, बालेश्वर सिंह, रोहित सिंह मटरू, पुष्पा वर्मा, सुधा झा, अशोक शुक्ला, बबलू खान, चंदन कश्यप, दीपक सिंह और अन्य हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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