होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र महाविकास अघाड़ी सरकार को तगड़ा झटका दिया है। उन्होंने विधानपरिषद की दो रिक्त सीटों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो नेताओं को मनोनीत करने से मना कर दिया है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से एमएलसी मनोनीत करने के लिए भेजी गई फाईल करीब एक महीने के बाद वापस सरकार के पास भेज दिया। इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी।
उन्हें बताया गया कि उद्धव ने एक महीने पहले एनसीपी के शिवाजी गर्जे और मीडिया सेल की प्रमुख अदिति नलावड़े की सिफारिश भले ही राज्यपाल से की होगी, लेकिन अबतक राज्यपाल ने कोई भी फैसला नहीं लिया हैं।
राज्यपाल विधान परिषद पर साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और सामाजिक सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव ऱखने वाले व्यक्तियों का विधान परिषद सदस्य पद के लिए चयनित करते हैं। राज्यपाल द्वारा फैसला नहीं लेने के कारण एक तरह से राजनीतिक लोगों की विधानपरिषद में बैक एंट्री पर ब्रेक लग गया है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से एमएलसी मनोनीत करने के लिए भेजी गई फाईल करीब एक महीने के बाद वापस सरकार के पास भेज दिया। इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी।
उन्हें बताया गया कि उद्धव ने एक महीने पहले एनसीपी के शिवाजी गर्जे और मीडिया सेल की प्रमुख अदिति नलावड़े की सिफारिश भले ही राज्यपाल से की होगी, लेकिन अबतक राज्यपाल ने कोई भी फैसला नहीं लिया हैं।
राज्यपाल विधान परिषद पर साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और सामाजिक सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव ऱखने वाले व्यक्तियों का विधान परिषद सदस्य पद के लिए चयनित करते हैं। राज्यपाल द्वारा फैसला नहीं लेने के कारण एक तरह से राजनीतिक लोगों की विधानपरिषद में बैक एंट्री पर ब्रेक लग गया है।
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