होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
अमेरिकी विमानन कंपनी बोइंग ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धि योजना के लिए भारत को महत्वपूर्ण बाजार के रूप में चिंहित किया है। कंपनी की नजर भारत से अरबों डॉलर मूल्य के लड़ाकू जेट विमान खरीद का सौदा हासिल करने पर है। बोइंग ग्लोबल सेल एंड मार्केटिंग के उपाध्यक्ष (अंतरराष्ट्रीय बिक्री) डेनिस स्वानसन ने भारत यात्रा से पहले कहा कि भारत-अमेरिका में रक्षा कारोबार व भागीदारी की काफी संभावना है।
वह उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत में पांच से नौ फरवरी के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होने वाली वृहत रक्षा प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। इस साल अप्रैल में भारतीय वायुसेना ने 18 अरब डॉलर की लागत में 114 जेट खरीदने को लेकर शुरूआती निविदा जारी की।
इसे हाल के वर्षों में सबसे बड़ी रक्षा खरीद माना जा रहा है। सौदा हासिल करने को लेकर लॉकहीड की एफ-21, बोइंग की एफ/ए-18, डसाल्ट एविएशन की रफाल, यूरोफाइटर टाइफून, रूसी विमान मिग 35 और साब की ग्रिपेन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
स्वानसन ने कहा, ‘बोइंग के लिए भारत शीर्ष बाजारों में से एक है और हमारी वैश्विक स्तर पर वृद्धि योजना के लिहाज से काफी अहम है। तीव्र वृद्धि वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत में वृद्धि के अवसर हैं। साथ ही प्रतिभा और प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तन का भी लाभ है।’
वह उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत में पांच से नौ फरवरी के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होने वाली वृहत रक्षा प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। इस साल अप्रैल में भारतीय वायुसेना ने 18 अरब डॉलर की लागत में 114 जेट खरीदने को लेकर शुरूआती निविदा जारी की।
इसे हाल के वर्षों में सबसे बड़ी रक्षा खरीद माना जा रहा है। सौदा हासिल करने को लेकर लॉकहीड की एफ-21, बोइंग की एफ/ए-18, डसाल्ट एविएशन की रफाल, यूरोफाइटर टाइफून, रूसी विमान मिग 35 और साब की ग्रिपेन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
स्वानसन ने कहा, ‘बोइंग के लिए भारत शीर्ष बाजारों में से एक है और हमारी वैश्विक स्तर पर वृद्धि योजना के लिहाज से काफी अहम है। तीव्र वृद्धि वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत में वृद्धि के अवसर हैं। साथ ही प्रतिभा और प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तन का भी लाभ है।’
भारतीय जरूरत के हिसाब से है सुपर हार्नेट
बोइंग अधिकारी डेनिस स्वानसन ने कहा, कंपनी ने भारत में विनिर्माण, कौशल विकास व इंजीनियरिंग क्षेत्र में निवेश किया है। साथ ही एयरोस्पेस व रक्षा विकास में योगदान कर रहा है। लखनऊ में होने वाली रक्षा प्रदर्शनी में करीब 70 देशों की 1,000 से अधिक कंपनियों के भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने बोइंग के प्रौद्योगिकी क्षमता से लैस एफ/ए-18 सुपर हार्नेट को भारत की जरूरतों के हिसाब से उपयुक्त बताया।
Comments
Post a Comment