रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने गुरुवार को पुलिस को चकमा देकर मेरठ और मुजफ्फरनगर में नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा व उपद्रव में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की।
बुधवार दोपहर जयंत को मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर खतौली बाईपास के नजदीक रोक दिया गया था। वह यहां उपद्रव में मारे गए नूरा के घर जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं दिया गया। इसके बाद जयंत गुरुवार को आने की बात कहकर वापस लौट गए थे।
इसी बीच गुरुवार को जयंत चौधरी पुलिस को चकमा देकर सुबह चार बजे मुजफ्फरनगर पहुंचे और यहां उपद्रव में मारे गए नूरा के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद जयंत ने मेरठ का रुख किया और पुलिस को चकमा देकर शहर के लिसाड़ीगेट क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने हिंसक प्रदर्शन में मारे गए पांचों मृतकों के परिवारों से मुलाकात की।
शहर में शुक्रवार को हुए उपद्रव के चलते रहमतनगर खालापार निवासी नूरा की गोली लगने से मौत हो गई थी। मेरठ में मंगलवार को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के काफिले को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया था। वह मेरठ में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मृतकों के परिजनों से मिलने जा रहे थे लेकिन पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए शहर के बाहर से ही वापस लौटा दिया था।
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