आजकल की लाइफस्टाइल में महिलाओं की भी भागदौड़ जारी है। महिलाएं घर और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी उठा रही हैं, जिसके चलते उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। पारिवारिक जिम्मेदारी ऑफिस की जिम्मेदारी को निभाते हुए महिलाएं अपना ध्यान रखना भूल जाती हैं। इस तरह उनको कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगती हैं। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे कुछ फूड्स को डाइट में शामिल कर महिलाएं खुद को हेल्दी रख सकती हैं। सेब फलों में सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। इसलिए डॉक्टर हमें रोजाना एक सेब खाने की सलाह देते हैं। जो महिला रोजाना एक सेब खाती है उनका इम्यूनिटी सिस्टम बढ़िया रहता है। सेब में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व हर तरह की बीमारी के लिए फायदेमंद है। सेब खाने से महिलाओंमें खून की कमी को बढ़ाता है वहीं ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करता है। अधिकांश भारतीय महिलाओं के शरीर में आयरन की मात्रा बहुत कम पाई जाती है। इसलिए महिलाओं को अपने खाने में अनार को डाइट में शामिल करना चाहिए। क्योंकि अनार में आयरन की अधिक मात्रा होती है। अनार में 84 फीसदी आयरन मौजूद होता है। अनार खाने से ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है। इसलिए महिलाओं को रोजाना एक अनार खाना चाहिए। आंवला महिलाओं के लिए अमृत माना जाता है। आंवले में विटामिन ए और बी के साथ-साथ विटामिन सी की मात्रा सबसे अधिक होती है। इसके अलावा आंवले में ओमेगा 3 और फाइबर भी मौजूद होता है। इसका सेवन करने से महिलाओं का डाइजेशन मजबूत होता है तथा पेट में गैस और कब्ज की समस्या नहीं होती है। साथ ही आंवले के सेवन से आंखों की रोशनी अच्छी रहती है। इसलिए आंवले का सेवन जरूर करें।बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की बॉडी में कैल्शियम की कमी होने लगती है, जिससे उनकी हड्डियों में कमजोरी होने लगती है। इसलिए रात में सोने से पहले हर महिला को एक गिलास दूध जरूर पीना चाहिए। इससे महिलाओं की शरीर में एनर्जी बनी रहती है और बॉडी में कैल्शियम और विटामिन डी की भी कमी नहीं होती है। साथ ही बॉडी की इम्यूनिटी मजबूत होती है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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