होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कोई न कोई सुविधा का एलान करता रहता है। लेकिन अब यात्रियों को झटका लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जल्द ही रेलवे ट्रेन यात्रा के सभी श्रेणी का किराया बढ़ाने का एलान कर सकता है।
इतना बढ़ सकता है किराया
रेल यात्रियों को झटका लग सकता है क्योंकि किराए में पांच पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 40 पैसे प्रति किलोमीटर तक का इजाफा हो सकता है। इसका मतलब होगा कि बढ़ोतरी 10 से 20 फीसदी तक हो सकती है। इसलिए इसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा क्योंकि उन्हें रेल यात्रा के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इसकी घोषणा इसी हफ्ते की जा सकती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली हरी झंडी
इस संदर्भ में रेलवे सूत्रों ने कहा कि संसदीय समितियों की सिफारिशों और परिचालन अनुपात पर बढ़ते दबाव के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय से इसके लिए हरी झंडी भी मिल गई है। रेलवे बोर्ड द्वारा नई दरों का खाका तैयार किया जा चुका है। आगे जानते हैं कि किराए में इजाफे के बाद रेलवे की आय में कितना अंतर आएगा।
इतनी बढ़ेगी रेलवे की आय
रेलवे द्वारा किराया बढ़ाए जाने के बाद उसकी आय में प्रति वर्ष चार हजार करोड़ रुपये से लेकर पांच हजार करोड़ रुपये तक का इजाफा होगा। इतना ही नहीं, इससे रेलवे का परिचालन अनुपात भी सुधरेगा। रेलवे बोर्ड झारखंड विधानसभा के चुनाव के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहा था। इसलिए अब जल्द ही रेल टिकट के नए फेयर का एलान किया जा सकता है।
इसलिए बढ़ाया जा रहा है किराया
पिछले कुछ सालों से भारतीय रेलवे ने सीधे तौर पर यात्री किराया में बढ़ोतरी नहीं की है।रेलेवे घाटे में है और आर्थिक स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। रिफंड नियमों में बदलाव का भी खास फायदा नहीं हुआ है। इसलिए परिचालन अनुपात को संतुलित रखने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी है। बता दें कि डीजल व बिजली जैसे जरूरी खर्च बढ़ने से रेलवे का परिचालन अनुपात 98.4 फीसदी से ज्यादा हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
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