होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 6.5 लाख घरों का निर्माण करने की योजना को हरी झंडी दिखा दी। इन घरों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत किया जाएगा। इसी के साथ पीएमजेवाई से मिले अनुदान के तहत निर्मित होने वाले घरों की कुल संख्या 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी।
केंद्रीय आवासीय व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अगले तीन से चार महीने में सरकार 1.12 करोड़ घरों के निर्माण का अपना लक्ष्य पूरा कर लेगी। उन्होंने बताया कि अभी तक मंजूर हो चुके 1 करोड़ घरों में से 30 लाख का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 57 लाख का निर्माण विभिन्न चरण में हैं। पुरी ने कहा कि इस योजना में सबसे अच्छा प्रदर्शन आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश का है, जो घरों का निर्माण कराने में पहले दो स्थानों पर मौजूद हैं।
केंद्रीय आवासीय व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अगले तीन से चार महीने में सरकार 1.12 करोड़ घरों के निर्माण का अपना लक्ष्य पूरा कर लेगी। उन्होंने बताया कि अभी तक मंजूर हो चुके 1 करोड़ घरों में से 30 लाख का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 57 लाख का निर्माण विभिन्न चरण में हैं। पुरी ने कहा कि इस योजना में सबसे अच्छा प्रदर्शन आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश का है, जो घरों का निर्माण कराने में पहले दो स्थानों पर मौजूद हैं।
सामान्य से लेकर ट्रांसजेंडरों तक को दिया घर
आवासीय सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने बताया कि पीएमजेवाई के जरिये निर्बल आय वर्ग के सामान्य व्यक्ति से लेकर ट्रांसजेंडरों और यहां तक कि कुष्ठरोगियों तक को भी घर उपलब्ध कराया गया है। इस योजना में अभी तक 5.8 लाख वरिष्ठ नागरिकों, 2 लाख कंस्ट्रक्शन मजूदरों, 1.5 लाख घरेलू कामगारों, 1.5 लाख शिल्पकारों, 63 हजार दिव्यांगों, 770 ट्रांसजेंडरों और 500 कुष्ठ रोगियों को शामिल किया गया है। इतना ही नहीं महिला सशक्तिकरण की मुहिम के तहत इन घरों का मालिकाना हक परिवार की महिला मुखिया को दिया जा रहा है।
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