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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

भारत में इन देशों से आते हैं सबसे ज्यादा शरणार्थी


नागरिकता कानून 2019 (Citizenship Act 2019 - CAA) में तीन देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने के नियम आसान बनाए गए हैं। ये तीन देश हैं - पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश। बेशक इन देशों से भारत में काफी शरणार्थी (Refugee) आते हैं। लेकिन इन तीनों में से कोई भी देश ऐसा नहीं है जो भारत में शरणार्थियों के मामले में शीर्ष तीन में भी आता हो।


तो फिर वो कौन से देश हैं जहां से सबसे ज्यादा शरणार्थी भारत आते हैं? भारत में उन देशों के शरणार्थी कितनी संख्या में हैं? शरणार्थियों की संख्या के मामले में भारत का दुनिया में कौन सा स्थान है, ये पाकिस्तान से ज्यादा है या कम? भारत के सबसे ज्यादा शरणार्थी किस देश में हैं? 


किन्हें कहते हैं शरणार्थी


शरणार्थियों हेतु संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय (UNHCR - United Nations High Commissioner for Refugees) के अनुसार, 'शरणार्थी वे लोग होते हैं जो युद्ध, हिंसा या किसी तरह की प्रताड़ना जैसे कारणों से अपना देश छोड़कर दूसरे देश में जाकर रहने के लिए मजबूर होते हैं।' लेकिन शरणार्थी का दर्जा मिलने की भी प्रक्रिया होती है। 

यह दर्जा पाने के लिए दूसरे देशों में पनाह मांगने वाले लोगों को शरणार्थी की परिभाषा में बताए कारणों को सिद्ध करना होता है। इसके लिए पनाह मांगने वाले (Asylum Seekers) लोग उस देश की सरकार के पास आश्रय पाने का आवेदन करते हैं। जब तक उनका आवेदन स्वीकार नहीं कर लिया जाता, तब तक उन्हें शरणार्थी का दर्जा भी नहीं मिलता है।

सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा शरणार्थी किन देशों के लोग हैं। साथ ही ये भी जानें कि दुनियाभर में भारत के कितने शरणार्थी हैं।





































देशअन्य देशों में उस देश के कितने शरणार्थी
सीरिया 66,32,4551
अफगानिस्तान26,76,619
दक्षिणी सूडान22,85,257
म्यांमार10,96,213
सोमालिया 9,49,487
भारत 9,601
कुल 2,01,17,541


*दुनियाभर में भारत के शरणार्थियों की संख्या भले ही 9,601 हो, लेकिन करीब 52 हजार भारतीय ऐसे हैं जिन्होंने अलग-अलग देशों में आश्रय के लिए आवेदन किया हुआ है, जिस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ


 सबसे ज्यादा भारतीय उत्तरी अमेरिका में शरण लेते हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर कनाडा का नाम आता है।





  • अमेरिका में भारतीय शरणार्थियों की संख्या - 6,110

  • कनाडा में भारतीय शरणार्थियों की संख्या - 1,457


शरणार्थी और भारत-पाकिस्तान


अब हम आपको बता रहे हैं कि दुनिया में दूसरे देशों के लोगों को शरण देने के मामले में भारत व पाकिस्तान किस स्थान पर हैं? आंकड़े बताते हैं कि अगर जनसंख्या के अनुपात में देखा जाए, तो भारत में शरणार्थियों का बोझ अन्य की तुलना में थोड़ा कम है।































देशवहां दूसरे देश के कितने शरणार्थी
तुर्की36,81,685
पाकिस्तान14,04,019
युगांडा11,65,653
सूडान10,78,287
जर्मनी10,63,837
भारत1,95,891

देखा जाए तो एक साल में भारत में दूसरे देशों से आए जितने लोगों ने आश्रय के लिए आवेदन किया, उनमें से 10 फीसदी से कम को शरणार्थी का दर्जा मिला।


  • 2018 की शुरुआत में आवेदकों के लंबित मामले - 40,189

  • 2018 के दौरान कितने आवेदन हुए - 29,169

  • कितने आवेदकों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया - 2,133

  • कितनों के आवेदन खारिज हुए - 7,781

  • कितनों के आवेदन बंद हुए - 4,179

  • 2018 के अंत में लंबित मामले - 51,812


यानी एक साल में दुनिया के अलग-अलग देशों में जितने भारतीयों ने आश्रय के लिए आवेदन किया, उनमें से तीन फीसदी से भी कम को शरणार्थी का दर्जा दिया गया।


  • अमेरिका - 1,531

  • कनाडा - 280

  • इटली - 120

  • यूके - 68

  • ऑस्ट्रेलिया - 51


 

अमेरिका इस सूची में पहले स्थान पर जरूर है, लेकिन 2018 में सबसे ज्यादा इसी देश में भारतीयों द्वारा आश्रय पाने के लिए किए गए आवेदन खारिज भी हुए।




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