बलरामपुर।जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। *पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद -* इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को न...
असम सरकार ने राज्य की हर लड़की की शादी में सोना देने के लिए 1 जनवरी से नई योजना की शुरुआत करने जा रही है। राज्य सरकार की 'अरुंधति स्वर्ण योजना' के तहत दुल्हनों को 10 ग्राम सोना दिया जाएगा। इस योजना पर सरकार हर साल करीब 800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2020 से हो रही है।
दुल्हन को 10 वीं पास होना जरूरी
- असम सरकार ने घोषणा की है कि वह हर दुल्हन जिसकी उम्र 18 साल हो, जिसने कम से कम 10वीं पास की हो और अपनी शादी को रजिस्टर्ड कराया हो, उसे 10 ग्राम सोना उपहार के रूप में दिया जाएगा।
- इस योजना का लाभ लेने के लिए दुल्हन के परिवार की सालाना आमदनी 5 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके अलावा शादी विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत पंजीकृत होनी चाहिए।
- असम में हर साल करीब 3 लाख शादियां होती हैं लेकिन सिर्फ 50000-60000 शादियों का ही रजिस्ट्रेशन होता है। लोगों को शादी को पंजीयन कराने के प्रति जागरुक करने में भी ये योजना मदद करेगी।
- इस योजना का मकसद लड़कियों को शिक्षा के प्रति जागरुक करना है। इसके अलावा इस योजना से बाल विवाह को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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