होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
असम सरकार ने राज्य की हर लड़की की शादी में सोना देने के लिए 1 जनवरी से नई योजना की शुरुआत करने जा रही है। राज्य सरकार की 'अरुंधति स्वर्ण योजना' के तहत दुल्हनों को 10 ग्राम सोना दिया जाएगा। इस योजना पर सरकार हर साल करीब 800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2020 से हो रही है।
दुल्हन को 10 वीं पास होना जरूरी
- असम सरकार ने घोषणा की है कि वह हर दुल्हन जिसकी उम्र 18 साल हो, जिसने कम से कम 10वीं पास की हो और अपनी शादी को रजिस्टर्ड कराया हो, उसे 10 ग्राम सोना उपहार के रूप में दिया जाएगा।
- इस योजना का लाभ लेने के लिए दुल्हन के परिवार की सालाना आमदनी 5 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके अलावा शादी विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत पंजीकृत होनी चाहिए।
- असम में हर साल करीब 3 लाख शादियां होती हैं लेकिन सिर्फ 50000-60000 शादियों का ही रजिस्ट्रेशन होता है। लोगों को शादी को पंजीयन कराने के प्रति जागरुक करने में भी ये योजना मदद करेगी।
- इस योजना का मकसद लड़कियों को शिक्षा के प्रति जागरुक करना है। इसके अलावा इस योजना से बाल विवाह को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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