होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से विकास की ओर बढ़ रही है। एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि 2026 में भारत जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यही नहीं 2034 में जापान को पीछे छोड़कर भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है।
ब्रिटेन के सेंटर फोर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) ने अपनी रिपोर्ट 'वर्ल्ड इकोनॉमिक लीग टेबल 2020' में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत 2026 तक 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने देश को 2024 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य बनाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वर्ष 2019 में भारत ने ब्रिटेन और फ्रांस दोनों को पछाड़ा और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। अब भारत के पास 2026 में जर्मनी को पीछे छोड़कर चौथी तथा 2034 में जापान को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाने का अनुमान है।'
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के पास जल्द ही तीसरे स्थान पर आने का भी मौका होगा। हालांकि जापान, जर्मनी और भारत में अगले 15 साल तक तीसरे स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के भारतीय अर्थव्यवस्था को 2024 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के सवाल पर रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत 2026 में लक्ष्य हासिल कर लेगा, लेकिन सरकार के तय लक्ष्य के मुकाबले दो साल बाद।'
ब्रिटेन के सेंटर फोर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) ने अपनी रिपोर्ट 'वर्ल्ड इकोनॉमिक लीग टेबल 2020' में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत 2026 तक 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने देश को 2024 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य बनाया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वर्ष 2019 में भारत ने ब्रिटेन और फ्रांस दोनों को पछाड़ा और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। अब भारत के पास 2026 में जर्मनी को पीछे छोड़कर चौथी तथा 2034 में जापान को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाने का अनुमान है।'
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के पास जल्द ही तीसरे स्थान पर आने का भी मौका होगा। हालांकि जापान, जर्मनी और भारत में अगले 15 साल तक तीसरे स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के भारतीय अर्थव्यवस्था को 2024 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के सवाल पर रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत 2026 में लक्ष्य हासिल कर लेगा, लेकिन सरकार के तय लक्ष्य के मुकाबले दो साल बाद।'
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