होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
पार्टियों और वैवाहिक कार्यक्रमों से बाइक चोरी की लगातार घटनाओं का राज आखिरकार खुल गया। इन घटनाओं को फर्रुखाबाद का एक जोड़ा अंजाम दे रहा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया तो पता चला कि दोनों पति-पत्नी हैं और शादियों-पार्टियों में बतौर मेहमान शामिल होने के बाद दावत उड़ाने के बाद बाइक लेकर फुर्र हो जाते थे। एसएसपी ने मंगलवार पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों लोगों की निशानदेही पर 10 बाइक बरामद की गई हैं। इनमें ज्यादातर शादी के कार्यक्रमों से ही उड़ाई गई थीं।
फर्रुखाबाद के जहानगंजखेड़ा इलाके में रहने वाले अंशू कटियार और उसकी पत्नी अंबेडकरनगर के अल्लाहपुर में रहने वाली कंचन यादव हाल ही में बारादरी पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस दोनों से पूछताछ की तो बाइक चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हो गया। एसएसपी ने बताया कि दोनों बरातघरों में होने वाली पार्टियों या भीड़ भरी जगह पार्किंग स्थलों से बाइक उड़ाते थे। बरातघरों में आयोजित पार्टियों में वे अच्छे कपड़े पहनकर बतौर मेहमान शामिल होते थे। खाना खाने और नाच-गाने के बीच ही किसी न किसी बाइक को निशाना बनाते थे और मौका मिलते ही उसे लेकर उड़नछू हो जाते थे। पति-पत्नी पर कोई बाइक चोर होने का शक तक नहीं कर पाता था।
एसएसपी ने बताया कि अंशू और कंचन ने कई बार नई बाइक चुराते वक्त अपनी पुरानी बाइक वहीं छोड़ दी। बाद में अंशू आकर पुरानी बाइक भी ले जाता था। पुलिस ने उनके पास से वाहनों के कागजात भी बरामद किए हैं। अंशू और कंचन ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि खर्च पूरा न होने पर उन्होंने बाइक चोरी का धंधा शुरू किया था।
फर्रुखाबाद के जहानगंजखेड़ा इलाके में रहने वाले अंशू कटियार और उसकी पत्नी अंबेडकरनगर के अल्लाहपुर में रहने वाली कंचन यादव हाल ही में बारादरी पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस दोनों से पूछताछ की तो बाइक चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हो गया। एसएसपी ने बताया कि दोनों बरातघरों में होने वाली पार्टियों या भीड़ भरी जगह पार्किंग स्थलों से बाइक उड़ाते थे। बरातघरों में आयोजित पार्टियों में वे अच्छे कपड़े पहनकर बतौर मेहमान शामिल होते थे। खाना खाने और नाच-गाने के बीच ही किसी न किसी बाइक को निशाना बनाते थे और मौका मिलते ही उसे लेकर उड़नछू हो जाते थे। पति-पत्नी पर कोई बाइक चोर होने का शक तक नहीं कर पाता था।
एसएसपी ने बताया कि अंशू और कंचन ने कई बार नई बाइक चुराते वक्त अपनी पुरानी बाइक वहीं छोड़ दी। बाद में अंशू आकर पुरानी बाइक भी ले जाता था। पुलिस ने उनके पास से वाहनों के कागजात भी बरामद किए हैं। अंशू और कंचन ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि खर्च पूरा न होने पर उन्होंने बाइक चोरी का धंधा शुरू किया था।
अकेले की गई वारदात बनी पकड़े जाने की वजह
कुछ महीने पहले अंशू ने अकेले ही एक बाइक चुराई थी, जिसमें वह पकड़ा गया था और प्रेमनगर पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था। इसी वारदात वजह से वह ऑटोलिफ्टर के तौर पर चिह्नित हुआ। शक की वजह से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो पता चला कि सिर्फ वही नहीं, उसकी पत्नी भी बाइक चोरी की घटनाओं में उसकी बराबर की पार्टनर है।
मोबाइल पर मिस कॉल के बाद दोनों ने की लवमैरिज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी ने बताया कि अंशू और कंचन की कहानी भी फिल्मी बंटी और बबली की तरह की ही है। मोबाइल फोन पर एक मिस कॉल के बाद दोनों नजदीक आए थे। कुछ समय बातचीत और मिलनेजुलने के बाद दोनों ने लव मैरिज कर ली थी। जनवरी में दोनों बरेली आकर सतीपुर में किराये का मकान लेकर रहने लगे। इसके बाद ऑटोलिफ्टिंग की घटनाओं को भी साथ-साथ अंजाम देने लगे।
बाइक का लॉक खोलने में दोनों गजब के माहिर
पुलिस ने अंशू और कंचन के पास से एक मास्टर की भी बरामद की। इसी के जरिये वे बाइक का लॉक खोलकर उसे उड़ा ले जाते थे। पुलिस के सामने दोनों ने इस मास्टर की से बाइक का लॉक भी पलक झपकते ही खोलकर दिखाया।
पति-पत्नी काफी समय से शहर में रहकर बाइक चोरी की घटनाएं कर रहे थे। महिला होने की वजह से कोई शक नहीं करता था। इन्होंने चोरी की अधिकांश बाइक फर्रुखाबाद में बेची हैं। इनके कुछ और साथी भी धंधे में शामिल हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
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