भाजपा ने बुधवार देर रात लखनऊ महानगर सहित प्रदेश में 59 जिला-महानगर अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। अवध क्षेत्र में 11, काशी क्षेत्र में 4, गोरखपुर क्षेत्र में 9, पश्चिम क्षेत्र में 11, ब्रज क्षेत्र में 15 और कानपुर क्षेत्र में 9 जिला-शहर अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए हैं। लखनऊ महानगर में निर्वतमान महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा लगातार दूसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन गोपाल ने मंगलवार देर रात नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों की घोषणा की।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने बताया कि भाजपा ने इस वर्ष बरेली जिले में आंवला, शाहजहांपुर जिले में शाहजहांपुर महानगर, आजमगढ़ में लालगंज और जौनपुर में मछलीशहर को नया संगठनात्मक जिला बनाया है।
उन्होंने बताया कि 20-21 नवंबर को सभी 98 संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराए गए थे। चुनाव अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद पहले चरण में 59 में महानगर और जिलाध्यक्ष घोषित किए हैं।
अवध क्षेत्र में लखनऊ महानगर में मुकेश शर्मा लगातार दूसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। सीतापुर में अचिन मेहरोत्रा, लखीमपुर में सुनील सिंह, हरदोई में सौरभ मिश्रा, उन्नाव में राजकिशोर रावत, बलरामपुर में प्रदीप सिंह, बहराइच में श्यामकरण टेकरीवाल, गोंडा में सूर्य नारायण तिवारी, श्रावस्ती में संजय कैंराती, अंबेडकरनगर में कपिल देव वर्मा और अयोध्या महानगर में अभिषेक मिश्रा जिलाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
ऋषिकांत राय लालगंज के पहले भाजपा जिलाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। गोरखपुर क्षेत्र में आजमगढ़ जिले में लालगंज को इसी वर्ष नया संगठनात्मक जिला बनाया गया है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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