पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान स्थित करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान अपने भाषण में इमरान खान की प्रशंसा में जमकर कसीदे पढ़े और विरोधियों पर निशाना साथा।
सिद्धू ने शायरी से शुरुआत की। उन्होंने इमरान की प्रशंसा में कहा- '... क्या मिलेगा मारकर किसी को जान से, मारना हो तो मार डालो एहसान से। दुश्मन मर नहीं सकता कभी नुकसान से और सर उठाकर चल नहीं सकता मरा हुआ एहसान से।'
यही नहीं, उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख को गले लगाने पर आलोचना करने वालों पर भी निशाना साधा। साफ कहा, 'हां, मैंने जफ्फी डाली और आगे भी सौ बार डालूंगा। इस जफ्फी के कारण ही पाकिस्तान और डेरा बाबा नानक का रास्ता खुला।
विश्व के 14 करोड़ सिख आज इमरान खान को दुआएं दे रहे हैं। यार होवे तां इमरान वरगा। जहां हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करतारपुर कॉरिडोर का रास्ता खोलने के लिए सराहनीय कार्य किया, वहीं इमरान खान ने जो सिखों के लिए किया, उसको भुलाया नहीं जा सकता।'
सिद्धू ने कहा कि यार हो तो इमरान जैसा जिसने मेरी गुजारिश सुनी। बात सिर्फ गलियारे की नहीं, बात अमन की भी है। बात पूरे विश्व दी है। 10 माह में इमरान ने स्वर्ग बना दिया। पर मेरा तो हाल है कि यह दिल मांगे मोर, हमें तो इमरान से काफी कुछ चाहिए। इमरान शेर नहीं बल्कि बब्बर शेर है। इमरान का दिल समंदर जैसा है।
सिद्धू ने कहा कि इमरान खान साहिब आप परवाह न करो, एक एक सिख सवा-सवा लाख का है। मेरी एक जफ्फी इतना रंग लाई है। अगर मेरी जफ्फी से सिख समुदाय को इतना कुछ मिलता है तो मैं सौ-सौ बार जफ्फी डालने के लिए तैयार हूं। मेरी जफ्फी में प्यार है, मोहब्बत है, जो दिल जीत सकती है।
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