दिल्ली सरकार ने सीवर कनेक्शन के बाद अब पानी का कनेक्शन भी मुफ्त में देगी। दिल्ली जलबोर्ड की बैठक में शुक्रवार को इसका फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्लीवालों को अब सीवर व पानी का कनेक्शन लेने पर एक लाख रुपये से ज्यादा की बचत होगी।अरविंद केजरीवाल ने बताया कि बीते पांच सालों में दिल्ली के कई इलाकों में पानी की पाइप लाइन डाल दी गयी है। लेकिन शुल्क ज्यादा होने से लोग कनेक्शन नहीं ले रहे हैं।
ऐसे में जल बोर्ड का पानी बड़ी मात्रा में अन अकाउंटेड रह जाता है। लोगों को इस बोझ से मुक्त करने के लिए सरकार ने विकास व बुनियादी ढांचा शुल्क माफ कर दिया है।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, सीवेज कनेक्शन नही लेने के पीछे एक बड़ा कारण अलग-अलग तरह के शुल्क हैं। हालांकि, सरकार ने विकास शुल्क घटाकर 500 रुपये प्रति मीटर से घटाकर 100 रुपये कर दिया था। फिर भी, लोग आगे नहीं आ रहे हैं।
शुल्क माफ करने से लोग कनेक्शन लेने के लिए आगे आएंगे। केजरीवाल ने बताया कि अभी 200 मीटर के प्लाट पर सीवर व पानी कनेक्शन लेने वालों का 1,14,110 रुपये व 300 मीटर के प्लाट पर 1,24,110 रुपये देने पड़ते हैं। यह राशि बहुत ज्यादा है। शुल्क माफ करने से बड़ी राहत मिलेगी।
गौरलतब है कि 18 नवंबर को दिल्ली सरकार ने सीवर कनेक्शन पर लगने वाला विकास शुल्क माफ कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने ये एलान भी किया कि दिल्ली के लोगों को सीवर के कनेक्शन के लिए सिर्फ 2310 रुपये ही देने होंगे।
उन्होंने कहा कि सीवर कनेक्शन बहुत महंगा था जिसे लेकर ये फैसला लिया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि अब से सीवर कनेक्शन लगवाने के दौरान डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज नहीं देना होगा।
केजरीवाल से जब पानी पर हो रही राजनीति के बारे में पूछा गया तो वह बोले कि मैं इस राजनीति में नहीं पड़ना चाहता। मेरा उद्देश्य दिल्ली के लोगों को साफ पानी पहुंचाना है। अगर किसी को शिकायत है तो हमें बताए हम उसे ठीक करा देंगे। इससे ज्यादा मैं किसी राजनीति में नहीं पड़ना चाहता।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें दिल्ली के कुछ इलाकों से गंदे पानी की शिकायत मिली है। जहां से शिकायत आ रही है वहां पाइपलाइन बदला जा रहा है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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