लखनऊ, 19 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, जाॅपलिंग रोड कैम्पस एवं राजाजीपुरम (द्वितीय कैम्पस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय भूगोल ओलम्पियाड 'जियोफेस्ट इण्टरनेशनल-2019' धरती को हरी-भरी बनाने के संकल्प के साथ आज सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में सम्पन्न हो गया। मुख्य अतिथि प्रो. शैलेन्द्र के. सक्सेना, वाइस डीन, प्रोफेसर एण्ड हेड, सेन्टर फाॅर एडवांस रिसर्च, केजीएमयू, लखनऊ ने दीप प्रज्वलित कर 'जियोफेस्ट इण्टरनेशनल-2019' के समापन समारोह का विधिवत उद्घाटन किया एवं रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच देश-विदेश के प्रतिभागी विजयी छात्रों को शील्ड, मैडल व सार्टिफिकेट प्रदान कर पुरष्कृत कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में प्रो. शैलेन्द्र के. सक्सेना ने प्रतिभागी छात्रों को हार्दिक बधाइयां देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कौन हारा और कौन जीता अपितु महत्वपूर्ण यह है कि सभी ने कुछ न कुछ सीखा जो भविष्य में सारी मानवता के लिए काम आयेगा। सबसे बड़ी बात यह है इस ओलम्पियाड के माध्यम से विभिन्न देशों के छात्रों के बीच सौहार्द एवं सहयोग का जो वातावरण निर्मित हुआ है, यही आगे चलकर विश्व एकता की आधारशिला बनेगा। इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने भी देश-विदेश से पधारे मेधावी छात्रों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
जियोफेस्ट इण्टरनेशनल के समापन अवसर पर सी.एम.एस. छात्रों ने देश-विदेश के प्रतिभागी छात्र टीमों के सम्मान में रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। भारतीय संस्कृति से हुए इस भव्य स्वागत से देश-विदेश के प्रतिभागी छात्र व टीम लीडर गद्गद व प्रफुल्लित दिखाई दिये और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा आॅडीटोरियम गूँज उठा। कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्व-धर्म व विश्व शान्ति प्रार्थना से हुआ। भारतीय संस्कृति में छिपी अनेकता में एकता को सुन्दर नृत्यों द्वारा मंच पर प्रस्तुत किया गया। रूस, श्रीलंका, बांग्लोदश, नेपाल एवं देश के विभिन्न भागों से पधारे प्रतिभागी छात्र इन नृत्यों की धूम में झूम उठे व भारतीय गीत संगीत का पूर्ण आनन्द उठाया।
जियोफेस्ट इण्टरनेशनल-2019 की संयोजिका एवं सी.एम.एस. जाॅपलिंग रोड कैम्पस की प्रधानाचार्या श्रीमती शिप्रा उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि यह छात्र एक नये समाज की रचना करेंगे और धरती को हरा-भरा करने का हमारा सपना पूरा करेंगे। सह-संयोजिका व सी.एम.एस. राजाजीपुरम (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या सुश्री पूनम अरोड़ा ने कहा कि इस ओलम्पियाड में देश-विदेश के छात्रों ने अपनी कला और ज्ञान का प्रदर्शन करने के साथ ही एकता, शान्ति व सौर्हा का जो आलोक बिखेरा है, उसकी ज्योति सदैव प्रज्वलित रहेगी।
सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि जियोफेस्ट इण्टरनेशनल-2019 के पाँचवे व अन्तिम दिन आज प्रातःकालीन सत्र में 'जियो प्ली (कोरियाग्राफी) प्रतियोगिता' सम्पन्न हुई। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने बेहद उत्साह से प्रतिभाग किया और छात्रों में कुछ नया कर दिखाने का जज्बा दिखाई पड़ा। प्रतियोगिता के दौरान आॅडिटोरियम कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। श्री शर्मा ने बताया कि पाँच दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय भूगोल ओलम्पियाड में रूस, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से ख्याति प्राप्त विद्यालयों के लगभग 500 छात्रों ने विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं अपनी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन किया।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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