डेंगू के 15 नए मरीज मिले हैं। इनमें 13 मरीज मेरठ के हैं और दो बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं। इन्हें बुधवार को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में डेंगू की पुष्टि हुई है।इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की लैब में 197 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 149 मरीज मेरठ जिले के हैं और बाकी आसपास के जिलों के हैं। डेंगू से शुगर, हृदय रोगियों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा है।
बच्चों और इन रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिस कारण उन पर डेंगू जल्दी हमला करता है और उन्हें इससे उबरने में भी काफी समय लगता है। इस बार मिल रहे डेंगू के मरीजों में भी बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार चल रहे मरीजों की तादाद ज्यादा है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि डेंगू के मरीज की प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं, लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए। डेंगू में ब्लड प्रेशर का घटना ज्यादा खतरनाक है। डेंगू के 90 प्रतिशत मरीज आसानी से ठीक हो जाते हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
Comments
Post a Comment