होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
ट्रेन के सफर में कंफर्म टिकट मिलना कई बार बेहद मुश्किल होता है। लेकिन कुछ पैसे लेकर टिकट दिलाने वाले दलाल आखिर कहां से और कैसे कंफर्म टिकट दिलाते हैं, यह सवाल आज भी अबूझ पहेली की तरह है। अब इसी पहली को सुलझाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल देश के 65 रेल मंडलों में ट्रेनों की बुकिंग पैटर्न पर रिसर्च करने जा रहा है।
चाहे सामान्य दिन हों या छुट्टियों का मौसम या फिर त्योहार-पर्व, ट्रेन का टिकट मिलना मुश्किल होता है। लेकिन दलाल जरूर कंफर्म टिकट दिलवा देते हैं। इन्हीं दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने नई रणनीति बनाई है। इसके तहत आरपीएफ देश के 65 रेल मंडलों में ट्रेनों की बुकिंग पैटर्न पर रिसर्च करेगी। टिकट बुक होने के डेटा का अध्ययन किया जाएगा।
इससे वो ट्रेनें चिन्ह्ति की जाएंगी, जिनमें दलालों के जरिए यात्रियों को सीट मिल पाती है। ऐसी बुकिंग वाली टिकटों के संबंध में जानकारी जुटाकर दलालों पर लगाम लगाई जाएगी।
चाहे सामान्य दिन हों या छुट्टियों का मौसम या फिर त्योहार-पर्व, ट्रेन का टिकट मिलना मुश्किल होता है। लेकिन दलाल जरूर कंफर्म टिकट दिलवा देते हैं। इन्हीं दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने नई रणनीति बनाई है। इसके तहत आरपीएफ देश के 65 रेल मंडलों में ट्रेनों की बुकिंग पैटर्न पर रिसर्च करेगी। टिकट बुक होने के डेटा का अध्ययन किया जाएगा।
इससे वो ट्रेनें चिन्ह्ति की जाएंगी, जिनमें दलालों के जरिए यात्रियों को सीट मिल पाती है। ऐसी बुकिंग वाली टिकटों के संबंध में जानकारी जुटाकर दलालों पर लगाम लगाई जाएगी।
साइबर सेल तोड़ेगी जाल
जोधपुर में आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने इसका रोडमैप देश के सभी मुख्य सुरक्षा आयुक्त को भेजा है। उनके मुताबिक, टिकट दलालों से न केवल रेलवे की छवि खराब हो रही, बल्कि यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। टिकट दलालों के इस जाल को तोड़ने के लिए आरपीएफ की साइबर सेल को इसके केंद्र में रखा गया है।
जोधपुर में आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने इसका रोडमैप देश के सभी मुख्य सुरक्षा आयुक्त को भेजा है। उनके मुताबिक, टिकट दलालों से न केवल रेलवे की छवि खराब हो रही, बल्कि यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। टिकट दलालों के इस जाल को तोड़ने के लिए आरपीएफ की साइबर सेल को इसके केंद्र में रखा गया है।
यूजर आईडी का डेटा जुटाकर पकड़ेगी
इसके लिए अलग से साइबर सेल की टीम का गठन किया जा रहा है, जो आईआरसीटीसी के डेटा सेंटर से सीधे डेटा ले सकेगी। ज्यादा बुकिंग वाली यूजर आईडी के मोबाइल नंबर, उनके पते, टिकट पर यात्रा करने वाले लोगों के मोबाइल, उनके पते, भुगतान जिस बैंक या कार्ड से हुआ है, उसकी डिटेल लेकर सत्यापन किया जाएगा, फिर कालाबाजारी करने वालों की सूची तैयार होगी। साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और कार्ड की जानकारी से कार्रवाई हो सकेगी।
इसके लिए अलग से साइबर सेल की टीम का गठन किया जा रहा है, जो आईआरसीटीसी के डेटा सेंटर से सीधे डेटा ले सकेगी। ज्यादा बुकिंग वाली यूजर आईडी के मोबाइल नंबर, उनके पते, टिकट पर यात्रा करने वाले लोगों के मोबाइल, उनके पते, भुगतान जिस बैंक या कार्ड से हुआ है, उसकी डिटेल लेकर सत्यापन किया जाएगा, फिर कालाबाजारी करने वालों की सूची तैयार होगी। साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और कार्ड की जानकारी से कार्रवाई हो सकेगी।
पकड़े गए लोगों की हिस्ट्रीशीट खुलेगी
टिकट की दलाली करते हुए कई बार पकड़े गए लोगों की बाकायदा हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी, जो ऐसे लोगों के आपराधिक मामले सामने आने पर रेलवे कोर्ट में केस के साथ भेजी जाएगी। मंडल स्तर पर आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस से मदद ले सकेगी। साथ ही टिकट दलाली करने वाले यदि किसी किराए के परिसर में काम कर रहे होंगे तो उनके मालिकों के बारे में जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ भी जांच और कार्रवाई की जा सकेगी।
टिकट की दलाली करते हुए कई बार पकड़े गए लोगों की बाकायदा हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी, जो ऐसे लोगों के आपराधिक मामले सामने आने पर रेलवे कोर्ट में केस के साथ भेजी जाएगी। मंडल स्तर पर आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस से मदद ले सकेगी। साथ ही टिकट दलाली करने वाले यदि किसी किराए के परिसर में काम कर रहे होंगे तो उनके मालिकों के बारे में जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ भी जांच और कार्रवाई की जा सकेगी।
10 दिन में पकड़े 528 दलाल
आरपीएफ की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 26 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच देशभर में कार्रवाई कर 528 दलालों को पकड़कर उनसे 2800 टिकट बरामद किए गए हैं। 2017 में कुल 1261 दलालों से 11 हजार 500 और 2018 में 2391 दलालों से 78 हजार टिकट बरामद किए गए थे।
आरपीएफ की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 26 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच देशभर में कार्रवाई कर 528 दलालों को पकड़कर उनसे 2800 टिकट बरामद किए गए हैं। 2017 में कुल 1261 दलालों से 11 हजार 500 और 2018 में 2391 दलालों से 78 हजार टिकट बरामद किए गए थे।
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