आम तौर पर जहां लोग 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होकर आराम करते हैं, वहीं बिहार के रोहतास जिले की एक अदालत में ऐसे भी एक वकील हैं, जो आयु का सैकड़ा पार करने के बाद भी लोगों को न्याय दिलाने के लिए न्यायाधीश के सामने जिरह करते नजर आते हैं। आप अगर बिहार के रोहतास जिला मुख्यालय के सासाराम व्यवहार न्यायालय में आएं तो वरिष्ठ वकील हरिनारायण सिंह आपको अपने स्थान पर कुर्सी पर बैठे या अदालत की सीढिय़ां चढ़ते या फिर न्यायाधीश के सामने दूसरे वकील से तर्क करते मिल जाएंगे।
सासाराम व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठतम अधिवक्ता हरिनारायण सिंह आज भी अपनी वाकपटुता और कानून की जानकारी के तर्क पर प्रतिद्वंद्वी वकीलों को खामोश कर देते हैं। तत्कालीन शाहाबाद जिले के तिलई गांव में 21 सितंबर 1918 को जन्मे हरिनारायण सिंह ने साल 1948 में कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री हासिल की थी। सिंह कहते हैं कि उनके पिता चाहते थे कि वे वकील बनें, क्योंकि उस समय ज्यादातर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और नेता वकालत के पेशे से जुड़े हुए थे।
उन्होंने आईएएनएस को बताया, कोलकाता में अध्ययन कार्य पूरा करने के बाद मैं सासाराम लौट आया और साल 1952 में अनमुंडलीय न्यायालय में वकालत की प्रैक्टिस शुरू कर दी। मैंने मुवक्किल से सबसे पहले पांच रुपए फीस ली थी। चार पुत्र, एक पुत्री व 16 पोते-पोतियों से भरे-पूरे परिवार के 60 से अधिक सदस्यों के मुखिया हरिनारायण सिंह ने कुछ दिन कोलकाता में शिक्षक की नौकरी भी की थी, बाद में सासाराम आ गए।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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