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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

टीम इंडिया की न्यूजीलैंड में 2-0 से करारी हार के बाद,प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान विराट कोहली एक पत्रकार पर भड़के


लचर बल्लेबाजी के चलते क्राइस्टचर्च टेस्ट के तीसरे ही दिन टीम इंडिया को करारी हार झेलनी पड़ी। न्यूजीलैंड ने न सिर्फ भारत को सात विकेट से मात दी बल्कि 2-0 से टेस्ट सीरीज भी अपने नाम की। इस शर्मनाक हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान विराट कोहली एक पत्रकार पर भड़के उठे। दरअसल, खेल के दूसरे दिन कीवी कप्तान के विकेट के बाद विराट कुछ अपशब्द कहते पाए गए थे। इसके बाद उन्होंने स्टेडियम में मौजूद फैंस की ओर भी इशारा किया था। पूरी घटना कैमरे पर कैद हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुआ था।


पत्रकार ने कोहली से पूछा कि क्या आपको अपनी आक्रामकता पर लगाम लगाकर अपनी टीम के लिए एक उदाहरण स्थापित करने की जरूरत है। इसके बाद कोहली बिफर उठे और पत्रकार से ही सवाल किया, 'आपको क्या लगता है? पत्रकार ने पलटकर कहा, 'मैंने आपसे सवाल किया है। विराट ने कहा- मैं आपसे जवाब पूछ रहा हूं। पत्रकार ने कहा आपको बेहतर उदाहरण स्थापित करने की जरूरत है। फिर विराट ने अपनी बात रखी, 'आपको यह अच्छी तरह पता लगाना चाहिए कि वहां क्या हुआ था, उसके बाद एक बेहतर सवाल के साथ आना चाहिए। मैंने मैच रेफरी से बात कर ली है, आप आधी जानकारी के साथ यहां नहीं आ सकते। धन्यवाद।' 


अन्य सवालों के जवाब में कप्तान विराट कोहली ने कहा कि इस प्रदर्शन के लिए कोई बहाना नहीं है। कोहली ने स्वीकार किया कि दूसरे दिन गेंदबाजों ने टीम को वापसी दिलाई थी, लेकिन बल्लेबाजों ने एक बार फिर निराश किया। कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘हम इसे स्वीकार करते हैं और अगर हमें विदेशों में जीतना है तो ऐसा करना होगा। कोई बहाना नहीं, बस आगे बढ़ते हुए सीख रहे हैं। टेस्ट मैचों में हम वैसा क्रिकेट नहीं खेल पाए जैसा खेलना चाहते थे। बल्लेबाजों ने इतने रन नहीं बनाए कि गेंदबाज प्रयास और आक्रमण करते। गेंदबाजी अच्छी थी, मुझे लगता है कि वेलिंगटन में भी हमने अच्छी गेंदबाजी की।’




पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कोहली ने कहा कि उनकी टीम को अपनी रणनीति पर विचार करना होगा। कोहली ने कहा, ‘पहले मैच में हम पर्याप्त जज्बा नहीं दिखा पाए जबकि यहां हम मैच को खत्म नहीं कर पाए। हम लंबे समय तक सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी नहीं कर पाए, उन्होंने काफी दबाव बनाया। यह इस बात का संयोजन रहा कि हम अपनी योजना को अमलीजामा नहीं पहना पाए और उन्होंने अपनी योजना को लागू किया।’ उन्होंने कहा, ‘निराशाजनक, बैठकर विचार करना होगा और चीजों को सही करना होगा।’




यह पूछने पर कि क्या टॉस हारने का भी असर पड़ा, कोहली ने कहा, ‘टॉस, आप सोच सकते हैं कि यह एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन हम शिकायत नहीं करेंगे। इससे प्रत्येक टेस्ट में गेंदबाजों को अतिरिक्त फायदा मिला, लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय टीम के रूप में उम्मीद की जाती है कि आप इसे समझेंगे।’

'करो या मरो' के दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम पहली पारी में 242 रन ही बना सकी थी, लेकिन टीम ने न्यूजीलैंड को 235 रन पर रोक दिया। दूसरी पारी में हालांकि भारतीय बल्लेबाजी क्रम सिर्फ 124 रन पर ढेर हो गया जिससे न्यूजीलैंड को 132 रन का लक्ष्य मिला जो उसने तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।






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