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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

नाकाम किए यूरोप और अमेरिका के प्रतिबंध रूस ने


रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि उनके देश ने बेहतर प्रबंधन से पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों को नाकाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों से निपटने के लिए रूस ने कृषि आधारित उद्योगों का तेजी से विकास किया और देश गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन गया। जबकि पहले यही रूस खाद्यान्नों के आयात पर निर्भर रहा है।रूसी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि हमने 2014 में पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से होने वाले करीब 50 अरब डॉलर के घाटे की भी भरपाई कर ली है। बता दें कि अमेरिका समेत यूरोपीय देशों ने 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया को छीनने के बाद रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। जिसके चलते रूस का न सिर्फ निर्यात गिर गया बल्कि हजारों लोग बेरोजगार भी हो गए थे।इसके बाद सरकार ने बेहतर प्रबंधन के जरिये तकनीक का विकास किया और जरूरी वस्तुओं का उत्पादन शुरू किया। साथ ही नई इकाइयों में बेरोजगार लोगों को खपाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि रूस अब गेहूं निर्यात में अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया को टक्कर दे रहा है। इसके अतिरिक्त रूस ने डेयरी उत्पादों, पोल्ट्री और पोर्क के कारोबार को भी बढ़ाया, उनका निर्यात किया। इस सबसे रूस को 25 अरब डॉलर की धनराशि प्राप्त हुई।


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