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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

लंदन स्थित आंबेडकर हाउस को ब्रिटिश सरकार ने संग्रहालय में बदलने की दी अनुमति


ब्रिटिश सरकार ने लंदन स्थित आंबेडकर हाउस को बंद करने के खिलाफ दायर भारत की अपील को स्वीकार कर लिया है। ब्रिटेन के कम्युनिटी सेक्रेटरी रॉबर्ट जेनरिक ने बृहस्पतिवार को यहां संग्रहालय बनाने की अनुमति दे दी


उन्होंने कहा, उत्तरी लंदन के 10 किंग हेनरी रोड पर चार मंजिला आंबेडकर हाउस को म्यूजियम में बदला जा सकता है। मैं लंदन में एक और संग्रहालय बनाने की अनुमति देने से खुश हूं। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 1921 से 1922 तक इसी मकान में रहकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अपनी पढ़ाई पूरी की थी।

बता दें कि स्थानीय प्राधिकरण कैमडेन काउंसिल ने पिछले साल अगस्त में भारतीय अधिकारियों के उस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें उत्तरी लंदन स्थित आंबेडकर हाउस को एक संग्रहालय में तब्दील करने की मांग की गई थी।

अपील खारिज करते हुए काउंसिल ने कहा था रिहायशी संपत्ति (आंबेडकर हाउस) को संग्रहालय में तब्दील नहीं किया जा सकता। ऐसा करना स्थानीय प्लानिंग नियमों का उल्लंघन होगा। इसके बाद भारतीय समुदाय के लोगों ने ब्रिटेन सरकार पर दबाव बनाया था और मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।


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