होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था की तुलना में अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे पर ज्यादा ध्यान दे रही है। आर्थिक सुस्ती की भी यही अहम वजह है। उन्होंने कहा कि अगर प्रमुख समस्याओं पर ध्यान दिया जाए तो फिर से विकास दर पटरी पर लौट सकती है।
राजन ने कहा, ‘यह दुखद है। मुझे लगता है कि सुस्ती के लिए राजनीति ही जिम्मेदार है।’ ब्लूमबर्ग टीवी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि चुनाव में बड़ी जीत के बाद मौजूदा सरकार ‘अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को पूरा करने पर जोर दे रही है।’ राजन ने कहा, यह दुखद है कि इसके चलते विकास दर में सुस्ती जारी है, जिसके लिए पूर्व में सरकार के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने जैसे फैसले जिम्मेदार माने जा रहे थे।
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर (वित्त) राजन ने कहा कि भारत ने वित्तीय क्षेत्र को दुरुस्त करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है और दुखद है कि इसके चलते सुस्ती बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘इन बातों पर अगर पर्याप्त ध्यान दिया जाए तो और उचित कदम उठाए जाएं तो हालात बदले जा सकते हैं।’
कोरोनावायरस के असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति चेन को देखें तो निश्चित रूप से कुछ पुरानी समस्याएं होंगी। उन्होंने कहा, ‘यदि कहीं गड़बड़ होती है तो पूरी चेन पर असर पड़ता है।’
राजन ने कहा, ‘यह दुखद है। मुझे लगता है कि सुस्ती के लिए राजनीति ही जिम्मेदार है।’ ब्लूमबर्ग टीवी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि चुनाव में बड़ी जीत के बाद मौजूदा सरकार ‘अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को पूरा करने पर जोर दे रही है।’ राजन ने कहा, यह दुखद है कि इसके चलते विकास दर में सुस्ती जारी है, जिसके लिए पूर्व में सरकार के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने जैसे फैसले जिम्मेदार माने जा रहे थे।
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर (वित्त) राजन ने कहा कि भारत ने वित्तीय क्षेत्र को दुरुस्त करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है और दुखद है कि इसके चलते सुस्ती बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘इन बातों पर अगर पर्याप्त ध्यान दिया जाए तो और उचित कदम उठाए जाएं तो हालात बदले जा सकते हैं।’
कोरोनावायरस के असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति चेन को देखें तो निश्चित रूप से कुछ पुरानी समस्याएं होंगी। उन्होंने कहा, ‘यदि कहीं गड़बड़ होती है तो पूरी चेन पर असर पड़ता है।’
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