होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने दिया फरमान, ज्यादा पुरुषों की नसबंदी कराएं कर्मचारी, नहीं तो भूल जाएं वेतन
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने नसबंदी को लेकर नया फरमान जारी किया है। प्रदेश सरकार ने नसबंदी को लेकर स्वास्थय कर्मचारियों को टारगेट दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के लिए हर महीने 5 से 10 पुरुषों के नसंबदी ऑपरेशन करवाना अनिवार्य कर दिया है।
नसबंदी नहीं तो वेतन नहीं
अगर कर्मचारी नसबंदी नहीं करा पाते हैं तो उनको नो-वर्क, नो-पे के आधार पर वेतन नहीं दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा टारगेट मिलने पर कर्मचारियों का कहना है कि वह प्रत्येक जिले में घर-घर जाकर परिवार नियोजन का जागरुकता अभियान तो चला सकते हैं लेकिन लोगों की जबरन नसबंदी नहीं करा सकते।
टारगेट पूरा करने के निर्देश
वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश जिलों में फर्टिलिटी रेट तीन है, सरकार ने इसे 2.1 करने का लक्ष्य रखा है। जिसे पूरा करने के लिए हर साल करीब सात लाख नसबंदी की जानी हैं लेकिन पिछले साल हुई नसबंदियों का आंकड़ा सिर्फ हजारों में रह गया था। इसी के चलते राज्य सरकार ने कर्मचारियों को परिवार नियोजन के अभियान के तहत टारगेट पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
परिवार नियोजन के अभियान के तहत हर साल जिलों को कुल आबादी के 0.6 फीसदी नसबंदी ऑपरेशन का टारगेट दिया जाता है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक छवि भारद्धाज ने इस पर नाराजगी जताते हुए सभी कलेक्टर और सीएमएचओ को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मात्र 0.5 प्रतिशत पुरुष नसबंदी के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब विभाग के पुरुषकर्मियों को जागरुकता अभियान के तहत परिवार नियोजन का टारगेट दिया जाए। उनके इस पत्र के बाद सीएमएचओ ने पत्र जारी कर कहा है कि यदि टारगेट के तहत काम नहीं किया तो अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रस्ताव भेजेंगे।
परिवार नियोजन के अभियान के तहत हर साल जिलों को कुल आबादी के 0.6 फीसदी नसबंदी ऑपरेशन का टारगेट दिया जाता है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक छवि भारद्धाज ने इस पर नाराजगी जताते हुए सभी कलेक्टर और सीएमएचओ को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मात्र 0.5 प्रतिशत पुरुष नसबंदी के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब विभाग के पुरुषकर्मियों को जागरुकता अभियान के तहत परिवार नियोजन का टारगेट दिया जाए। उनके इस पत्र के बाद सीएमएचओ ने पत्र जारी कर कहा है कि यदि टारगेट के तहत काम नहीं किया तो अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रस्ताव भेजेंगे।
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