Skip to main content

बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

गुजरात के सूरत में वैलेंटाइन्स डे पर मनाया जाएगा 'मातृ-पितृ पूजन दिवस', सरकार का आदेश


 

14 फरवरी 2020 को जब पूरी दुनिया वैलेंटाइन्स डे (Valentine's Day) मनाएगी, तब भारत के एक राज्य में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए सरकारी विभाग द्वारा आदेश भी जारी किया जा चुका है।
 

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुजरात के सूरत में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें लिखा है कि 'स्कूली बच्चों में भारतीय संस्कृति व मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवास का आयोजन किया जाए।' ये सर्कुलर सभी सरकारी स्कूलों के लिए जारी किया गया है। इसमें ये भी बताया गया है कि पूजन दिवस को किस तरह मनाया जाए।


किस तरह मनेगा मातृ-पितृ पूजन दिवस



  • जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, सभी स्कूलों को पांच से दस दंपत्ति को आमंत्रित किया जाएगा। फिर स्कूल कैंपस में ही वहां पढ़ने वाले उनके बेटे या बेटियों द्वारा फूल, माला, मिठाई और प्रार्थना पढ़कर उनकी पूजा की जाएगी।

  • इस अवसर पर स्कूलों को विशिष्ट अतिथियों (जैसे - नेता / मंत्री / स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य या सामाजिक कार्यकर्ता) को बुलाने और इस दिन का महत्व बताकर भाषण दिलवाने के लिए भी कहा गया है।

  • बात सिर्फ कार्यक्रम आयोजित करने तक ही खत्म नहीं होती। स्कूलों को अपने कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट आयोजन की

    हालांकि सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का विपक्ष विरोध कर रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा है कि 'हम सभी को अपनी संस्कृति और अपने जीवन में माता-पिता की अहमियत पता है। ऐसी गतिविधियों की जगह राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता व स्तर बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए। राज्य शिक्षा विभाग दिशाहीन है, इसलिए इस तरह का ड्रामा हो रहा है।'


Comments