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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

गुजरात के राजकोट में जिंदगी और मौत से जूझ रही है दो दिन की मासूम




गुजरात के राजकोट में दिल दहला देने वाली घटना हुई है। ठेबचडा गांव के पास बुधवार 11 बजे करीब 20 लड़के क्रिकेट खेलकर जा रहे थे, तभी उन्हें बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने नजरें दौड़ाई तो एक कुत्ता बच्ची को मुंह में लेकर जा रहा था। लड़कों ने बिना देर किए तुरंत पत्थर मारे तो कुत्ता बच्ची को छोड़कर भाग गया। बच्ची अस्पताल में भर्ती है। जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी मां ने जन्म के दूसरे दिन में ही बच्ची को छोड़ दिया। बच्ची के पेट में 15 से 20 गहरे घाव हो गए।


नवजात के साथ ऐसा बर्ताव क्यों, पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा 


कहा जाता है कि ईश्वर हर जगह नहीं पहुंच सकता इसलिए मां को बनाया गया है, लेकिन राजकोट में एक दिन की बच्ची के साथ हुई घटना समाज की चेतना का दिल दहला सकती है। किस हालात में मां ने इस बच्ची को छोड़ा होगा। यह पुलिस जांच में स्पष्ट होगा।


 



 

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