लखनऊ में दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तीकरण और खेलों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लेट्स गिव होप फाउंडेशन (Let’s Give Hope Foundation) द्वारा मुथूट फाइनेंस के सी एस आर सहयोग से व्हीलचेयर एवं क्रिकेट किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योलो हार्मनी पार्क स्पोर्ट्स एरीना एंड टर्फ में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग देना है। साथ ही इनर व्हील क्लब बारादरी लखनऊ का भी सहयोग मिला। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के इन खिलाड़ियों सोमजीत सिंह (लखनऊ), अरविंद विश्वकर्मा (मिर्जापुर), हरीश कुशवाहा (झाँसी), आफताब अंसारी (हरिद्वार), राजा बाबू (गाजियाबाद), गौरव यादव (मेरठ), जीशान अंसारी (मेरठ), अनामिक गुर्जर (मेरठ), अनिल सिंघानिया (ललितपुर), अनमोल वशिष्ठ (मेरठ) और इरफान हैदर (अंबेडकर नगर) को व्हीलचेयर और क्रिकेट किट प्रदान की गई। कार्यक्रम के लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश...
हिमाचल की छोटी काशी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव पर ब्यासघाट स्थित एकादश रुद्र मंदिर में ओम नम: शिवाय जाप 14 फरवरी को सुबह नौ बजे से होगा। यह 22 फरवरी तक चलेगा। 24 ब्राह्मण दिन-रात बारी-बारी गद्दी पर बैठकर ज्योति के समक्ष यह जाप करेंगे। इस दौरान रुद्र मंदिर में अखंड ज्योति जलाई जाएगी।
एकादश रुद्र मंदिर के पुजारी स्वामी सतसुंदरम ने बताया कि शिवरात्रि महोत्सव पर मंदिर में सुबह नौ बजे अखंड ज्योति का शुभारंभ उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर करेंगे। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के पश्चात महाशिवरात्रि पर्व के दिन एकादश रुद्र भगवान का जलाभिषेक कर शृंगार किया जाएगा।
एकादश रुद्र मंदिर के पुजारी स्वामी सतसुंदरम ने बताया कि शिवरात्रि महोत्सव पर मंदिर में सुबह नौ बजे अखंड ज्योति का शुभारंभ उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर करेंगे। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के पश्चात महाशिवरात्रि पर्व के दिन एकादश रुद्र भगवान का जलाभिषेक कर शृंगार किया जाएगा।
पंचायत शैली का है एकादश रुद्र मंदिर
छोटी काशी में अनेक शिव मंदिर हैं। इनमें कई मंदिर ऐसे हैं, जहां पूरा साल धार्मिक गतिविधियां चलती रहती हैं। ब्यास नदी के किनारे झरनों के बीच स्थित एकादश रुद्र मंदिर पंचायत शैली में बनाया गया है। मंदिर का निर्माण बलवीर सेन की मां साहिबीनी ने करवाया था।
इसे शहरवासी साहिबीनी का शिवाद्वाला भी कहते हैं। साहिबीनी मंडी के राजा रहे विजय सेन की दादी थीं। कहा जाता है कि 1818 ई के आसपास एकादश रुद्र मंदिर का निर्माण किया गया था। इसमें 11 रुद्र वाले भगवान स्थापित हैं। हर रोज सुबह-शाम पूजा-अर्चना होती है।
ब्यास किनारे स्थापित होने से मंदिर का नजारा देखने वर्ष भर पर्यटकों का आना रहता है। मंदिर में सावन मास में एक माह तक भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। शिवरात्रि महोत्सव व अन्य धार्मिक पर्वों में मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।
इसे शहरवासी साहिबीनी का शिवाद्वाला भी कहते हैं। साहिबीनी मंडी के राजा रहे विजय सेन की दादी थीं। कहा जाता है कि 1818 ई के आसपास एकादश रुद्र मंदिर का निर्माण किया गया था। इसमें 11 रुद्र वाले भगवान स्थापित हैं। हर रोज सुबह-शाम पूजा-अर्चना होती है।
ब्यास किनारे स्थापित होने से मंदिर का नजारा देखने वर्ष भर पर्यटकों का आना रहता है। मंदिर में सावन मास में एक माह तक भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। शिवरात्रि महोत्सव व अन्य धार्मिक पर्वों में मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।
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