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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

21 हजार अवैध घुसपैिठयो को मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद वापस बांग्लादेश भेजा गए


मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश से घुसपैठ के मामलों में बड़ी गिरावट आई है। वहीं सरकार बड़ी संख्या में घुसपैठियों को बांग्लादेश में वापस भेजने में सफल रही है। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में पिछले पांच साल में घुसपैठियों के पकड़े जाने और उन्हें वापस भेजने के आंकड़े पेश किये। नित्यानंद राय के अनुसार बांग्लादेश सीमा से घुसपैठ को कम करने के लिए बहुआयामी उपाय किये हैं, जिसके कारण घुसपैठ में कमी आ रही है।


लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार 2015 से 2019 के बीच पांच सालों में कुल 9,145 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं इसी दौरान कुल 21,348 घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजा गया। ये दोनों आंकड़े बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ में कमी आने के संकेत देते हैं। 2015 में कुल 3426 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया था और 5930 घुसपैठियों को वापस भेजा गया।


2016 में घुसपैठ करते समय पकड़े जाने वाले और वापस भेजे जाने वाले घुसपैठियों की संख्या क्रमश) 2075 और 5147 हो गई। जो धीरे-धीरे घटकर 2019 में क्रमश: 1351 और 2175 रह गई। नित्यानंद राय के अनुसार घुसपैठ को रोकने में यह सफलता सरकार द्वारा सीमा की निगरानी की बहुस्तरीय व बहुआयामी पद्धति अपनाने के कारण मिली है।


इसके तहत सीमा पर होने वाली हरकतों की 24 घंटे के निगरानी के साथ-साथ लगातार पेट्रोलिंग शामिल है। इस दौरान सीमा पर निगरानी पोस्ट की संख्या बढ़ाई गई है, साथ ही रात में घुसपैठ की आशंका वाले स्थानों पर फ्लड लाइट भी लगाए जा रहे हैं। वहीं राज्य सरकारों के सहयोग से खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया गया है। जिन-जिन स्थानों पर बाड़ लगाना संभव नहीं है, वहां सेंसर लगाने के साथ-साथ नाइट विजन कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रडार की मदद ली जा रही है। एक परिष्कृत कमांड व कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से इस पर नजर रखा जा रहा है।


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