होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
रिलायंस जियो को सस्ते डाटा के लिए जाना जाता है, लेकिन अब एक और कंपनी बाजार में अपने नए धमाकेदार प्लान लेकर आई है। बंगलूरू की एक कंपनी अब सिर्फ 1 रुपये में एक जीबी डाटा दे रही है। जियो को कड़ी टक्कर देने वाली इस कंपनी का नाम Wifi Dabba है जो साल 2017 से सेवा दे रही है। आइए विस्तार से जानते हैं इस प्लान के बारे में...
Wifi Dabba पर अब एक रुपये में एक जीबी डाटा मिल रहा है, लेकिन आपको बताते चलें कि साल 2017 में कंपनी 20 रुपये में एक जीबी डाटा दे रही थी। कंपनी के पास तीन प्लान हैं। पहला प्लान दो रुपये का है जिसमें 1 जीबी डाटा मिलेगा, 10 रुपये के प्लान में 5 जीबी डाटा और 20 रुपये के प्लान में 10 जीबी डाटा मिलेगा। सभी प्लान की वैधता 24 घंटे की होगी। बता दें कि कंपनी के डाटा प्लान की औसत कीमत एक रुपये प्रति जीबी है।
Wifi Dabba ने चाय और लोकल दुकानों पर अपना वाई-फाई राउटर इंस्टॉल किया है। कंपनी के इस कॉन्सेप्ट का नाम सुपरनॉड्स है। इस सुपरनोड्स के जरिए 20 किलोमीटर तक 100 जीबी प्रति सेकेंड की दर से इंटरनेट की सुविधा दी जा सकती है। कंपनी ने अपने राउटर के लिए Dabba नाम से ऑपरेटिंग सिस्टम भी तैयार किया है।
कंपनी अपने इस प्रोजेक्ट को अब अपार्टमेंट और सोसाइट तक ले जाने के बारे में प्लान कर रही है। कंपनी ने वाई-फाई के लिए कोई केबल नहीं बिछाया है और ना ही सरकार से स्पेक्ट्रम खरीदा है। ऐसे में कंपनी को सिर्फ राउटर का खर्च ही आ रहा है जिस वजह से डाटा सस्ता मिल रहा है। कंपनी ने सस्ते डाटा के लिए अपना खुद का नेटवर्क सिस्टम तैयार किया है।
कंपनी अपने इस प्रोजेक्ट को अब अपार्टमेंट और सोसाइट तक ले जाने के बारे में प्लान कर रही है। कंपनी ने वाई-फाई के लिए कोई केबल नहीं बिछाया है और ना ही सरकार से स्पेक्ट्रम खरीदा है। ऐसे में कंपनी को सिर्फ राउटर का खर्च ही आ रहा है जिस वजह से डाटा सस्ता मिल रहा है। कंपनी ने सस्ते डाटा के लिए अपना खुद का नेटवर्क सिस्टम तैयार किया है।
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