Skip to main content

बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

ब्राजील के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट न हों, गन्ना किसानों की क्यों है ये मांग


मोदी सरकार ने इस बार 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर होने वाले समारोह के मुख्य अतिथि रूप में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर मेसियस बोलसोनरो को आमंत्रित किया है. गन्ना किसानों का एक संगठन इसका विरोध कर रहा है. संगठन का कहना है कि WTO में एक महत्वपूर्ण मसले पर ब्राजील ने भारत का विरोध किया था.


क्या है विरोध की वजह


मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जुड़ी संस्था ऑल इंडिया सुगरकेन फार्मर्स फेडरेशन (AISFF) ने मोदी सरकार के इस निर्णय की आलोचना की है. संगठन का कहना है कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) में ब्राजील ने भारत में गन्ना किसानों के लिए तय होने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य सिस्टम का विरोध किया था.


गौरतलब है कि ब्राजील भी दुनिया का प्रमुख गन्ना उत्पादक देश है. भारत के न्यूनतम समर्थन मूल्य कार्यक्रम का विरोध करते हुए ब्राजील ने कहा था कि यह  WTO के रेगुलेशन के ख‍िलाफ है. AISFF का कहना है कि ब्राजील ने भारत के उचित और पारिश्रमिक कीमत (FRP), राज्य परामर्श कीमत (SAP) और निर्यात सब्सिडी उपाय को चुनौती दी थी जो भारत के गन्ना किसानों के पेट पर लात मारने जैसी बात थी.


ऑस्ट्रेलिया और ग्वाटेमाला के साथ ब्राजील ने  WTO में चुनौती देते हुए कहा था कि गन्ना किसानों के लिए भारत द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी WTO की मान्य सीमा (उत्पादन लागत का 10 फीसदी) से ज्यादा है. भारत सरकार ने 2018-19 में शुगर इंडस्ट्री को करीब 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है.



 


क्या कहा किसान संगठन ने


AISFF के प्रेसिडेंट डी. रविंद्रन ने कहा, 'भारत में गन्ना किसानों को वह कीमत भी नहीं मिल रही है जिसे उचित और पारिश्रमिक कीमत कहा जाता है. गन्ना किसानों का बकाया बढ़ता जा रहा है और यह 24,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. WTO के नियम यदि भारत के ख‍िलाफ हैं तो भारत सरकार FRP घोष‍ित नहीं कर पाएगी या किसानों को शुगर लॉबी से बचाने के लिए कदम नहीं उठा पाएगी.


गौरतलब है कि ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनरो इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. पिछले साल नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते को जायर बोलसोनरो ने स्वीकार कर लिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील गए थे.


इस दौरान पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनरो के बीच मुलाकात हुई. बोलसोनरो के साथ अपनी बैठक के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस 2020 पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. पिछले साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे.


Comments